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यमुना एक्सप्रेसवे पर दौड़ रही 30 लाख रुपये के चालान वाली बस (image: social media)
Noida News: नोएडा में पिछले कुछ समय से लगातार बस हादसों की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में हुए एक बड़े सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद एक बार फिर बसों की फिटनेस, परमिट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यमुना एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा नोएडा पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। यहां पुलिस की गश्ती गाड़ियां तैनात रहती हैं और हाईटेक निगरानी व्यवस्था होने का दावा किया जाता है। इसके बावजूद खराब स्थिति वाली और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसें सड़कों पर कैसे दौड़ रही हैं, यह सवाल अब नोएडा पुलिस और प्रशासन के सामने खड़ा हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर एक ऐसी बस पकड़ी गई, जिस पर करीब 30 लाख रुपये के 265 चालान लंबित हैं। बताया जा रहा है कि यह बस अलीगढ़ जिले में पंजीकृत है। बस का नंबर यूपी 81 सीटी 9015 बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह बस यमुना एक्सप्रेसवे से होकर लखनऊ समेत अन्य जिलों की ओर जाती थी। जांच के दौरान सामने आया कि वाहन पर बड़ी संख्या में चालान लंबित हैं। इसके अलावा बस के इंश्योरेंस को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में चालान लंबित होने के बावजूद यह बस सड़कों पर कैसे चलती रही? आखिरकार एक्सप्रेसवे पर तैनात पुलिस और निगरानी सिस्टम की नजर इस बस पर पहले क्यों नहीं पड़ी? नोएडा पुलिस अक्सर एक्सप्रेसवे पर हाईटेक कैमरों और निगरानी व्यवस्था के जरिए यातायात नियमों का पालन कराने का दावा करती है। तेज रफ्तार वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस बस पर 265 चालान लंबित थे, उसकी पहचान समय रहते क्यों नहीं हो सकी।
अगर कोई सामान्य वाहन एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीड करता है तो उसका चालान तुरंत काट दिया जाता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नियम उल्लंघन करने वाली बस लंबे समय तक सड़कों पर दौड़ती रही, यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद नोएडा में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और सुरक्षा बढ़ाने के कई दावे किए गए हैं। एक्सप्रेसवे पर लगातार निगरानी और चेकिंग की बात कही जाती है। इसके बावजूद ऐसी बसों का संचालन चिंता का विषय बना हुआ है।
हालांकि, अधिकारियों की ओर से अक्सर अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने की बात कही जाती है। अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और जिम्मेदार विभाग इस तरह की लापरवाही को रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं। आपको बता दें कि हमेशा अफसर सिर्फ एक ही बात बोलते है कि हम कार्रवाई करेंगे।
Location : Noida
Published : 26 September 2026, 8:41 PM IST