Ram Mandir Donation Theft Case: आखिर किसने उड़ाए 79.85 लाख रुपये? चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा तय

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। बैंक अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच जारी है, जबकि एसआईटी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज हो गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 June 2026, 7:59 AM IST
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Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने नया मोड़ ले लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों के इस्तीफे की चर्चा तेज है, हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं।

आठ आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए

दानपात्र से कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा को अदालत में पेश किया गया। मेडिकल परीक्षण के बाद सभी आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान चोरी की रकम भी बरामद की है।

SIT की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR

चढ़ावा चोरी का मामला 6 जून को सामने आया था। ट्रस्ट की मांग पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने 23 जून को गृह विभाग को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें एफआईआर दर्ज करने सहित कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई थीं। इसके बाद राम जन्मभूमि थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर उठे सवाल

जांच एजेंसियां चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी टिन्नू यादव चंपत राय के करीबी बताए जाते हैं, जबकि अनुकल्प और लवकुश मिश्रा, डॉ. अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं। इसी वजह से दोनों ट्रस्टियों पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

सूत्रों के अनुसार मामले में दो बैंक अधिकारियों और तीन-चार बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस उनके बयान, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

नृपेंद्र मिश्र ने साधी चुप्पी

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि जब तक एसआईटी की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने मीडिया में चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देने से भी इनकार किया।

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आगे क्या होगा?

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Ayodhya

Published :  27 June 2026, 7:50 AM IST

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