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यूपी में बारिश और तूफान का अलर्ट (Img- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू (हिटवेव) ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा है। सुबह की शुरुआत होते ही तेज धूप और उमस लोगों को बेहाल कर रही है। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। इसी बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के मौसम को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो चरम रूप देखने को मिलेंगे, जिसे 'मौसम का डबल अटैक' कहा जा रहा है। एक तरफ जहाँ कई जिलों में भारी बारिश और तेज तूफान का अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में अब भी भीषण गर्मी का सितम जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। आईएमडी द्वारा सोनभद्र, चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, मऊ, प्रयागराज, जौनपुर, अयोध्या, अमेठी, रायबरेली, फतेहपुर, बांदा और सिद्धार्थनगर में तेज आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (तूफान) चल सकती हैं। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, प्रशासन ने इतनी तेज हवाओं के कारण कमजोर मकानों, टिन शेड और पेड़-पौधों को नुकसान पहुँचने की आशंका के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
एक तरफ जहाँ पूर्वांचल और मध्य यूपी के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश की उम्मीद है, वहीं पश्चिमी और उत्तर-मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अभी राहत के कोई आसार नहीं हैं। सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बरेली, कानपुर, लखीमपुर खीरी और हरदोई समेत कई इलाकों में भीषण गर्मी और लू का कहर बरकरार रहेगा।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। साथ ही बाहर जाते समय छाता, सूती कपड़े और पानी की बोतल साथ रखने की सलाह दी गई है।
मौसम में आ रहे इस बदलाव के बीच देश में मानसून की धीमी रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है। इस सीजन में केरल में अब तक सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। केरल का वायनाड जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां सामान्य से 64 फीसदी कम वर्षा हुई है।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ती है, तभी देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी, जिससे मौजूदा जल संकट और तपती गर्मी से स्थायी निजात मिल सकेगी।
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कम बारिश के अनुमान का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता दिख रहा है। कृषि विभाग के जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, खरीफ फसलों के निर्धारित लक्ष्य 110.00 लाख हेक्टेयर के मुकाबले अब तक केवल 6.63 लाख हेक्टेयर (यानी महज 5.99 प्रतिशत) ही बुवाई हो सकी है। मानसून की इस सुस्त रफ्तार को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल प्रबंधन की विशेष सलाह दी है।
किसानों से कहा गया है कि वे अधिक पानी की खपत वाली धान की खेती के बजाय 'श्री अन्न' (मोटे अनाज) जैसे मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, सावां और कोदों की बुवाई को प्राथमिकता दें। इसके अलावा उर्द, मूंग और तिल जैसी कम पानी वाली फसलों को लगाना इस समय ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।
Location : Lucknow
Published : 27 June 2026, 7:43 AM IST