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इन जिलों में भारी बारिश के आसार (Img- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में उमस और बारिश के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रही हैं, लेकिन अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 13 अगस्त से पूर्वांचल में बारिश का जोर बढ़ सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे इसका दायरा मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके 12 अगस्त तक निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके बाद यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से 13 अगस्त से उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। शुरुआत पूर्वांचल से होने की संभावना है और आने वाले दिनों में इसका असर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बारिश का असर सिर्फ पूर्वांचल तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। 13 अगस्त से शुरू होने वाली मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य उत्तर प्रदेश और इसके बाद पश्चिमी हिस्सों तक फैल सकती हैं। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग ने 13 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 14 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ में बारिश हो सकती है। इसके अलावा गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर में भी बारिश के आसार हैं। पूर्वी यूपी के इन जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच के साथ-साथ सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकरनगर में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इस समय मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से कुछ दक्षिण में बनी हुई है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र भी मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। इन दोनों मौसमी परिस्थितियों के असर से उत्तर प्रदेश में मानसून को दोबारा मजबूती मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेश में बारिश का दौर बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।
पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश कम हुई है, वहां यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है। खरीफ की फसलों के लिए इस समय पर्याप्त नमी जरूरी है। ऐसे में अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि जिन इलाकों में पहले से जलभराव की स्थिति है, वहां भारी बारिश परेशानी भी बढ़ा सकती है। निचले इलाकों में पानी जमा होने और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।
Location : Lucknow
Published : 12 August 2026, 5:55 PM IST