कौन बनेगा राम मंदिर का पहला CEO? 16 दावेदारों की दौड़ खत्म, अब सिर्फ 3 नामों पर लगेगी मुहर

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के चयन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। 16 उम्मीदवारों के अंतिम साक्षात्कार पूरे हो चुके हैं। अब सर्च कमेटी तीन नामों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद ट्रस्ट इन्हीं तीन नामों में से एक का चयन करेगा। 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर के पहले CEO के नाम का ऐलान होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 13 August 2026, 8:10 PM IST
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Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर की भव्य व्यवस्था को संभालने के लिए पहले CEO की तलाश अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें देशभर से कई अनुभवी अधिकारियों और पेशेवरों के नाम सामने आए। अब इस पूरी कवायद का सबसे अहम चरण पूरा हो चुका है। CEO पद के लिए अंतिम साक्षात्कार भी हो चुका है। यानी 16 उम्मीदवारों की लंबी सूची अब जल्द ही तीन नामों तक सिमटने वाली है।

तीन नामों में से चुना जाएगा पहला CEO

सर्च कमेटी की ओर से तीन नामों का पैनल तैयार होने के बाद अंतिम फैसला ट्रस्ट स्तर पर लिया जाएगा। ट्रस्ट इन तीनों उम्मीदवारों के नाम और उनकी योग्यता पर विचार करेगा और फिर किसी एक उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाएगा। इस तरह CEO बनने की दौड़ में शामिल 16 उम्मीदवारों में से आखिरकार सिर्फ तीन नाम बचेंगे और इन्हीं तीन में से एक व्यक्ति अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासनिक कामकाज की बड़ी जिम्मेदारी संभालेगा।

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2 सितंबर को हो सकता है बड़ा फैसला

राम मंदिर ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में CEO के चयन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। अगर सर्च कमेटी समय पर तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप देती है तो 2 सितंबर की बैठक में इन नामों पर चर्चा के बाद किसी एक उम्मीदवार को CEO नियुक्त किए जाने की पूरी संभावना है।

कौन-कौन लोग दौड़ में शामिल?

CEO पद की अंतिम प्रक्रिया तक पहुंचने वाले उम्मीदवारों में अलग-अलग क्षेत्रों का लंबा अनुभव रखने वाले लोग शामिल हैं। इनमें सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त IAS और IPS अधिकारी के अलावा सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके पेशेवर भी शामिल हैं। यानी ट्रस्ट की तलाश सिर्फ किसी प्रशासनिक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे व्यक्ति की तलाश की जा रही है जो बड़े स्तर पर संस्थागत प्रबंधन और रणनीतिक फैसलों को प्रभावी तरीके से संभाल सके।

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सर्च कमेटी में तीन बड़े विशेषज्ञ

CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी में अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है। समिति में न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। तीनों सदस्यों के पास अपने-अपने क्षेत्रों में लंबा अनुभव है। ऐसे में अंतिम साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों की सिर्फ सामान्य प्रशासनिक क्षमता ही नहीं, बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सोच को भी परखा गया।

इंटरव्यू में पूछे गए कई अहम सवाल

अंतिम साक्षात्कार के दौरान CEO पद के उम्मीदवारों से कई तरह के सवाल पूछे गए। इनमें प्रशासनिक चुनौतियों से लेकर नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच और संस्थागत प्रबंधन से जुड़े विषय शामिल रहे। उम्मीदवारों की तकनीकी समझ और बड़े संस्थान को संचालित करने की क्षमता का भी आकलन किया गया। सर्च कमेटी यह जानने की कोशिश कर रही थी कि कौन सा उम्मीदवार राम मंदिर से जुड़ी इतनी बड़ी व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाल सकता है।

Location :  Ayodhya

Published :  13 August 2026, 8:10 PM IST

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