Ayodhya Ram Mandir Case: चढ़ावा मामले पर संत समाज में गुस्सा, बोले- आस्था से जुड़े मामले में पूरी सच्चाई आनी चाहिए

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में FIR दर्ज होने के बाद संत समाज में नाराजगी बढ़ गई है। संतों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि कार्रवाई सिर्फ छोटे स्तर के लोगों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क और कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचना जरूरी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 26 June 2026, 5:34 PM IST
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Ayodhya: राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और FIR दर्ज होने के बाद अब संत समाज की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इस मामले को लेकर कई संतों और धार्मिक नेताओं ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम के मंदिर से जुड़ा यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी जांच बेहद गंभीरता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।

चढ़ावे की गड़बड़ी से आहत है राम भक्तों की भावना

वरुण दास महाराज ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी की खबर पूरे राम भक्त समाज के लिए बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु भगवान के चरणों में जो दान अर्पित करते हैं, वह केवल पैसा या वस्तु नहीं होती, बल्कि उनकी आस्था और विश्वास का प्रतीक होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में FIR पहले ही दर्ज हो जानी चाहिए थी। काफी समय तक जांच की बात चलती रही, लेकिन शिकायत दर्ज होने में देरी हुई। हालांकि अब ट्रस्ट से जुड़े एक पदाधिकारी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है और आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।

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दान की पारदर्शिता बेहद जरूरी: संतों की मांग

अनिरुद्ध देव दास ने कहा कि यह मामला पहले से चर्चा में था और कुछ लोग इसे केवल अफवाह बता रहे थे, लेकिन FIR दर्ज होने के बाद साफ हो गया है कि मामले को गंभीरता से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाला दान करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में उसकी सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होना बेहद जरूरी है।

सिर्फ छोटे लोगों पर कार्रवाई से नहीं बनेगी बात

नरेंद्राचार्य महाराज ने विश्व हिंदू परिषद की ओर से उठाए गए सवालों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जांच के लिए टीम गठित करना जरूरी कदम था और इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं। उन्होंने चिंता जताई कि शुरुआती कार्रवाई में केवल छोटे स्तर से जुड़े लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जबकि जांच को पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक उन लोगों की भूमिका सामने नहीं आएगी, जो पूरी व्यवस्था को नियंत्रित करते हैं, तब तक ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा।

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मास्टरमाइंड तक पहुंचना जरूरी

महंत डॉ. देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि अयोध्या के संत और श्रद्धालु लगातार FIR की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार कार्रवाई में देरी हुई, लेकिन अब मामला दर्ज होना एक जरूरी कदम है। उन्होंने कहा कि केवल कर्मचारियों या छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने से पूरी तस्वीर सामने नहीं आएगी। जांच को यह पता लगाना होगा कि आखिर इसके पीछे कौन लोग हैं और क्या कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

Location :  Ayodhya

Published :  26 June 2026, 5:34 PM IST

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