क्या साइबर ठगी के बाद वापस मिल सकते हैं पैसे? बरेली के इस केस ने दिया जवाब

साइबर ठगों के झांसे में आकर लाखों रुपये गंवाने वाले तीन लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बरेली साइबर क्राइम थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग मामलों में ठगी गई 34 लाख 1 हजार 995 रुपये की पूरी रकम पीड़ितों के खातों में वापस करा दी।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 4 July 2026, 3:57 AM IST
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Bareilly: साइबर ठगों के जाल में फंसकर लाखों रुपये गंवा चुके तीन लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। बरेली साइबर क्राइम थाना ने तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 34 लाख 1 हजार 995 रुपये की पूरी ठगी गई रकम पीड़ितों के बैंक खातों में वापस करा दी। तीनों मामलों में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीके अपनाकर वारदात को अंजाम दिया था।

किसी को गैस कनेक्शन रिन्यूअल के नाम पर फर्जी लिंक भेजा गया, किसी का मोबाइल हैक कर वेतन खाते पर हाथ साफ कर दिया गया तो किसी को इन्वेस्टमेंट पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए गए।

हालांकि साइबर पुलिस ने डिजिटल ट्रेल खंगालते हुए रकम का पता लगाया और पीड़ितों को उनकी पूरी राशि वापस दिला दी।

पहला मामला किला क्षेत्र के सिटी स्टेशन के पास रहने वाले गौरव शर्मा का है। उनके व्हाट्सएप पर गैस कनेक्शन रिन्यूअल के नाम से एक लिंक भेजा गया। लिंक बिल्कुल असली वेबसाइट जैसा दिखाई दे रहा था। भरोसा कर उन्होंने जैसे ही उस पर क्लिक किया, उनका मोबाइल साइबर ठगों के कब्जे में चला गया। इसके बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके बैंक खाते से 11 लाख 90 हजार 921 रुपये निकाल लिए गए।

खाते से लगातार रकम कटने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शिकायत मिलने पर साइबर थाना टीम ने ट्रांजेक्शन की पूरी कड़ी खंगाली और जिन खातों में रकम पहुंची थी, उन्हें चिन्हित कर बैंकिंग प्रक्रिया के जरिए पूरी राशि वापस गौरव शर्मा के खाते में जमा करा दी।

नायब सूबेदार को बनाया शिकार

दूसरा मामला उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग निवासी और भारतीय सेना में तैनात नायब सूबेदार प्रदीप सिंह कंडारी का है। वह एक महीने के प्रशिक्षण के लिए बरेली आए हुए थे। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर उनके वेतन खाते से आठ ट्रांजेक्शन के जरिए 5 लाख 11 हजार 74 रुपये निकाल लिए।

जांच के दौरान साइबर टीम को पता चला कि ठगों ने रकम को विभिन्न लोन खातों में समायोजित कर दिया था, ताकि रकम का पता लगाना मुश्किल हो जाए। लेकिन साइबर टीम ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से पूरी धनराशि वापस सेना के जवान के खाते में जमा करा दी।

मुनाफे का सपना दिखाकर 17 लाख की ठगी

तीसरा मामला इज्जतनगर निवासी राजेश कुमार का है। उन्हें इन्वेस्टमेंट पर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग किस्तों में 17 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उनसे और रकम की मांग की गई तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शिकायत के बाद साइबर थाना ने पैसों की पूरी मनी ट्रेल खंगाली।

जांच में पता चला कि रकम कई लाभार्थी खातों में भेज दी गई थी। बैंकों के सहयोग और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूरी 17 लाख रुपये की रकम राजेश कुमार के खाते में वापस करा दी गई।

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जल्दी शिकायत करेंगे तो पैसा वापस मिलने की संभावना

साइबर क्राइम थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में सबसे अहम भूमिका समय पर शिकायत दर्ज कराने की होती है। यदि पीड़ित तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा देता है तो ठगी गई रकम को समय रहते होल्ड कराया जा सकता है और उसे वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

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उन्होंने कहा कि साइबर ठग रोज नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है।

Location :  Bareilly

Published :  4 July 2026, 3:54 AM IST

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