दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों को लेकर राकेश टिकैत का बड़ा बयान, बोले- 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर बारिश के बाद दिखाई दिए गहरे गड्ढों ने निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 4 July 2026, 3:27 AM IST
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Noida: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर मानसून की पहली ही बारिश के बाद कई स्थानों पर गहरे गड्ढे दिखाई देने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। एक्सप्रेस-वे के क्षतिग्रस्त हिस्सों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं।

 तकनीकी मानकों की अनदेखी

राकेश टिकैत ने कहा कि इस तरह की समस्याएं आमतौर पर निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता करने के कारण सामने आती हैं। उनके अनुसार, जब किसी परियोजना को तय समय से पहले पूरा करने का दबाव होता है तो निर्माण एजेंसियां और ठेकेदार कई तकनीकी मानकों की अनदेखी कर देते हैं। इसका परिणाम पहली ही बारिश में सड़क के धंसने या गड्ढे बनने के रूप में सामने आता है।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी की गुणवत्ता, उसकी परतों की मोटाई, उचित तरीके से दबाव (कम्पैक्शन) और जल निकासी व्यवस्था जैसे सभी मानकों का पालन किया जाना चाहिए। यदि इन प्रक्रियाओं में लापरवाही बरती जाए तो बारिश का पानी मिट्टी का कटाव कर देता है और सड़क कमजोर होकर टूटने लगती है।

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टिकैत ने लगाया आरोप

टिकैत ने आरोप लगाया कि कई बार जल्दबाजी में निर्माण पूरा करने के लिए उपयुक्त सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यदि सही प्रकार की मिट्टी की जगह रेतीली या कमजोर मिट्टी का उपयोग किया जाए तो पानी के संपर्क में आते ही उसका कटाव शुरू हो जाता है। ऐसे में सड़क की मजबूती प्रभावित होती है और कुछ ही समय में गड्ढे या धंसाव जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।

परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का दबाव

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का दबाव रहता है, जिसके कारण ठेकेदार गुणवत्ता की बजाय समय सीमा पूरी करने पर अधिक ध्यान देते हैं। उनका मानना है कि किसी भी एक्सप्रेसवे का निर्माण निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ होना चाहिए, ताकि वह लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बना रहे।

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गौरतलब है कि मानसून की पहली बारिश के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर गहरे गड्ढे दिखाई देने के वीडियो सामने आए थे। इसके बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, राकेश टिकैत के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

Location :  Noida

Published :  4 July 2026, 3:25 AM IST

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