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गीतांजलि अंगमो और सोनम वांगचुक (फोटो: X)
New Delhi: गीतांजलि अंगमो ने दिल्ली High Court में इस मामले की तुरंत सुनवाई की मांग की है। उन्होंने अपने पति को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने को गैर-कानूनी हिरासत करार दिया है और उन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए कोर्ट से इजाज़त मांगी है। साथ ही, उन्होंने वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टरों से मिलने की भी मांग की है।
गौरतलब है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक की तबीयत शनिवार को काफी बिगड़ गई थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें दिल्ली के सरकारी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।
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पुलिस द्वारा सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को बल प्रयोग करने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने या पेपर लीक जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने कहा कि चूंकि वांगचुक और उनके साथी युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, इसलिए सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाएं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर एकजुट हों।
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इस बीच, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने की आज़ादी का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
Location : New Delhi
Published : 19 July 2026, 1:00 PM IST