CJP Protest: गंभीर स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त अभिजीत दिपके के सामने आई कई चुनौतियां; कैसे चलेगी भूख हड़ताल…?

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मोर्चा संभाल लिया है। दीपके के एक गंभीर समस्या होने के बावजूद भी उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अनशन शुरू कर दिया है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 19 July 2026, 12:02 PM IST
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New Delhi: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को जंतर-मंतर से हटाए जाने और उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है। वांगचुक की गैर-मौजूदगी में, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में उठाया गया यह कदम आंदोलन को जिंदा रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, यह फैसला दीपके के लिए कई मायनों में मुश्किल साबित हो सकता है।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ा सकती है मुश्किलें

कुछ दिन पहले, अभिजीत दिपके ने बताया था कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है जिसके कारण वे लंबे समय तक बिना खाए-पिए नहीं रह सकते। जब सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, तो सोशल मीडिया और अन्य लोगों ने सवाल उठाए थे कि दिपके खुद उपवास क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया था कि वांगचुक ने ही उन्हें उपवास न करने की सलाह दी थी।

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आंदोलन की जिम्मेदारी दीपके के कंधों पर

दिपके सिर्फ विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो रहे हैं, वे पूरे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन की योजना बनाना, लोगों से जुड़ना और प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाना उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है। इन कामों के लिए ताकत की जरूरत होती है, जिससे उनके लिए भूख हड़ताल और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

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अनुभव की कमी भी बन सकती है चुनौती

अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अभिजीत दिपके ने पहले कुछ समय के लिए आम आदमी पार्टी के साथ काम किया था। हालांकि, उन्हें लंबे समय तक भूख हड़ताल करने का अनुभव नहीं है। ऐसे में, अगर उनकी सेहत बिगड़ती है, तो इसका असर आंदोलन पर भी पड़ सकता है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि वे अपनी सेहत और आंदोलन, दोनों को कैसे संभालते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  19 July 2026, 11:59 AM IST

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