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दलित एथलीट पर हमला
Muzaffarnagar: मुज़फ्फरनगर में एक दलित परिवार पर हुआ हमला अब सिर्फ मारपीट की घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसे खिलाड़ी की टूटी उम्मीदों और धीमी न्याय प्रक्रिया की दर्दनाक कहानी बन गया है। करीब एक महीने पहले हुई इस वारदात में घायल हुआ युवक सत्यम अब भी अपने करियर और न्याय दोनों के लिए संघर्ष कर रहा है। सवाल यह है कि क्या समय पर कार्रवाई होती तो एक उभरता खिलाड़ी आज अपने सपनों की दौड़ से बाहर होता?
यह घटना 19 मार्च को शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। मामूली कहासुनी के बाद कुछ दबंगों ने कथित तौर पर दलित परिवार के घर पर हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों से पूरे परिवार को निशाना बनाया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। सबसे ज्यादा चोट सत्यम को लगी, जो एक एथलीट है और कई मेडल जीत चुका है। इस हमले ने उसकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।
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हमले में सत्यम के पैर में इतनी गंभीर चोट आई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। करीब 10 दिनों तक उसका इलाज चला और हालत इतनी खराब थी कि डॉक्टरों को उसके पैर में रॉड डालनी पड़ी।
घटना के करीब एक महीने बाद भी पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस वजह से परिवार में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
बुधवार को सत्यम अपने परिवार के साथ SSP कार्यालय पहुंचा। उसके हाथों में दर्जनों मेडल थे। जो उसके मेहनत और संघर्ष की कहानी बयां कर रहे थे। परिवार ने SSP से मिलकर पूरे मामले में न्याय की गुहार लगाई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो शायद आज उनका बेटा अपने सपनों से दूर न होता।
Location : Muzaffarnagar
Published : 15 April 2026, 3:33 PM IST
Topics : Athlete Assault Case Dalit Attack India muzaffarnagar news Police Investigation UP Crime News