Exclusive Report: नोएडा में कंपनी मालिकों ने क्यों मांगा पिस्टल का लाइसेंस, मजदूरों के हिंसक आंदोलन के बाद बदल जाएगी शहर की तस्वीर

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के उपद्रव के बाद उद्योग जगत में डर का माहौल है। लघु उद्योग भारती ने सरकार से असलहा लाइसेंस देने और नुकसान की भरपाई की मांग की है। उद्यमियों का कहना है कि हालात असुरक्षित हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 April 2026, 9:47 PM IST
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Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हालिया श्रमिक उपद्रव ने ऐसा डर पैदा कर दिया है कि अब उद्योगपति खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फैक्ट्रियों में हुई तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की घटनाओं ने उद्यमियों को हिला कर रख दिया है। हालात इतने बिगड़े कि कई कारोबारी अपनी जान और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता में आ गए हैं। यही वजह है कि अब उन्होंने सरकार से असलहा लाइसेंस देने जैसी सख्त मांग कर डाली है।

लघु उद्योग भारती ने उठाई सुरक्षा की मांग

इस पूरे मामले में लघु उद्योग भारती की जिला कार्यकारिणी ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता का कहना है कि इस उपद्रव ने जिले के उद्योगों की कमर तोड़ दी है। उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। उनका कहना है कि उस दौरान सभी उद्यमी खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे थे। ऐसे में अब सुरक्षा के लिए हथियार रखने की जरूरत महसूस हो रही है।

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कंपनियों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग

उपद्रव के दौरान कई कंपनियों के वाहन, मशीनें और अन्य जरूरी सामान क्षतिग्रस्त हो गए। उद्योगपतियों का कहना है कि यह नुकसान करोड़ों में है और इसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम वेतन बढ़ाने से पहले ही उद्यमियों पर आर्थिक दबाव बढ़ चुका है। श्रमिकों का वेतन भले 3000 रुपये तक बढ़ा हो, लेकिन इससे उद्यमियों पर 6 से 7 हजार रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

भविष्य के लिए सख्त प्लान की मांग

उद्यमियों ने सरकार के सामने कई और अहम मांगें भी रखी हैं। उनका कहना है कि श्रमिकों का पूरा डेटा कंप्यूटरीकृत किया जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही हर महीने शिविर लगाने और मेडिकल जांच जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार से सहयोग मांगा गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार 50 अस्पतालों की सूची तैयार करे, जहां श्रमिकों की जांच की सुविधा उपलब्ध हो सके।

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10 सूत्रीय मांगों का पत्र सौंपा

उद्यमियों ने कुल 10 सूत्रीय मांगों का एक विस्तृत पत्र मुख्य सचिव को भेजा है, जिसकी प्रतिलिपि डीएम और उद्योग विभाग को भी दी गई है। उनका साफ कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उद्योगों का माहौल और बिगड़ सकता है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक क्षेत्र खौफ और अनिश्चितता के साए में नजर आ रहा है।

Location :  Noida

Published :  15 April 2026, 9:47 PM IST

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