पेट्रोल-डीजल के दाम आज भी स्थिर, लेकिन जनता पर महंगाई की मार बरकरार; क्रूड ऑयल में मिला-जुला रुख

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। हालांकि 2 जून को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे, लेकिन हाल की चार बढ़ोतरी के बाद आम जनता पर ईंधन महंगाई का असर बरकरार है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 2 June 2026, 7:56 AM IST
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New Delhi: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां इंडियन बॉस्केट क्रूड के दाम में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं मानक ब्रेंट क्रूड में मामूली तेजी देखी गई। इसके बावजूद देश की सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार, 2 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि हाल ही में हुई लगातार बढ़ोतरी के कारण आम जनता पर ईंधन महंगाई का असर अभी भी बना हुआ है।

11 दिनों में चार बार बढ़े ईंधन के दाम

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी की है। 15 मई को पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था। इसके बाद 19 और 23 मई को क्रमशः पेट्रोल 87-87 पैसे तथा डीजल 91-91 पैसे बढ़ाया गया। वहीं 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया। इन बढ़ोतरी के बाद ईंधन की कीमतें कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं।

महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें

सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इसके अलावा पटना, भोपाल और रांची जैसे शहरों में भी पेट्रोल 105 से 115 रुपये प्रति लीटर के बीच बिक रहा है।

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क्रूड ऑयल बाजार में मिला-जुला संकेत

वैश्विक बाजार में सोमवार को इंडियन बॉस्केट क्रूड की कीमत 0.92 फीसदी घटकर 96.60 डॉलर प्रति बैरल रह गई। वहीं ब्रेंट क्रूड में 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 94.96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.17 फीसदी गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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तेल कंपनियों को अब भी हो रहा नुकसान

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार हालिया मूल्य वृद्धि के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को प्रतिदिन करीब 750 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इससे पहले यह नुकसान लगभग 1,000 करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया था। हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष में इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने संयुक्त रूप से 77,821 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर ईंधन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  2 June 2026, 7:56 AM IST

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