लता मंगेशकर की “हमशक्ल आवाज” या खुद एक अनसुनी दिग्गज? पढ़ें सुमन कल्याणपुर की कहानी

सुमन कल्याणपुर हिंदी सिनेमा की एक प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर थीं, जिनकी आवाज़ की तुलना अक्सर लता मंगेशकर से की जाती थी। उन्होंने 740 से अधिक गाने गाए और कई दिग्गज गायकों के साथ यादगार युगल गीत दिए। उनका संगीत सफर 1950 के दशक से शुरू होकर 1970 के दशक तक अपनी चमक बिखेरता रहा।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 1 June 2026, 3:00 PM IST
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New Delhi: संगीत की दुनिया में कई बार आवाज़ें अपनी पहचान के लिए लड़ती नजर आती हैं और कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें लोग किसी और के नाम से जान लेते हैं। ऐसी ही एक दर्दभरी लेकिन सुनहरी कहानी जुड़ी है भारतीय सिनेमा की मशहूर प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर की, जिनकी आवाज़ ने लाखों दिलों को छुआ लेकिन पहचान के मोर्चे पर उन्हें लंबे समय तक भ्रम और तुलना का सामना करना पड़ा। उनकी आवाज़ को अक्सर लता मंगेशकर की आवाज़ समझ लिया जाता था और यही बात उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती भी बनी रही।

शुरुआती जीवन और संगीत की ओर झुकाव

सुमन कल्याणपुर का जन्म 28 जनवरी 1937 को हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी रुचि थी और उनकी आवाज़ में एक खास तरह की नजाकत थी। उन्होंने औपचारिक रूप से संगीत की शिक्षा ली और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाने की कोशिश शुरू की। शुरुआती दौर में उन्हें समझना आसान नहीं था, लेकिन उनकी आवाज़ की मिठास ने धीरे-धीरे संगीत जगत का ध्यान उनकी ओर खींच लिया।

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करियर की शुरुआत और पहला बड़ा मौका

उनका फिल्मी सफर 1954 में फिल्म ‘दरवाजा’ से शुरू हुआ, जहां उन्हें मशहूर गायक Talat Mahmood के साथ पहला युगल गीत गाने का मौका मिला। यह मौका उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। कहा जाता है कि तलत महमूद ने एक संगीत कार्यक्रम में उनकी आवाज़ सुनी थी और उनकी गायकी से बेहद प्रभावित हुए थे। इसके बाद उन्होंने खुद उनके साथ गाने की सिफारिश की, जिससे सुमन कल्याणपुर को फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिलने लगी।

लता मंगेशकर से तुलना

सुमन कल्याणपुर की आवाज़ इतनी मुलायम और मधुर थी कि कई बार लोग उन्हें Lata Mangeshkar समझ बैठते थे। यह तुलना उनके लिए हमेशा आसान नहीं रही। उनकी आवाज़ और लता मंगेशकर की आवाज़ में इतनी समानता थी कि कई रिकॉर्ड्स और रेडियो प्रसारणों में भी नाम को लेकर भ्रम पैदा हो जाता था। सुमन कल्याणपुर ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि वह लता जी से काफी प्रभावित थीं और कॉलेज के दिनों में उनके गाने गाया करती थीं। उन्होंने यह भी बताया था कि उस दौर में रेडियो सीलोन पर गानों के नाम कई बार नहीं बताए जाते थे और रिकॉर्ड्स पर भी गलत नाम छप जाते थे, जिससे यह भ्रम और बढ़ गया।

740 गानों का सफर

अपने पूरे करियर में सुमन कल्याणपुर ने लगभग 740 गाने गाए। 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम समय माना जाता है, जब उन्होंने एक के बाद एक हिट गाने दिए। उन्होंने लगभग सभी बड़े गायकों के साथ काम किया, जिनमें Mohammed Rafi, Kishore Kumar, Mukesh, Manna Dey और तलत महमूद शामिल हैं। उनका सबसे मशहूर गीत “आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे” रहा, जिसे शम्मी कपूर और मुमताज पर फिल्माया गया था। यह गाना आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय रोमांटिक गीतों में गिना जाता है।

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रफी के साथ यादगार जोड़ी

सुमन कल्याणपुर और मोहम्मद रफी की जोड़ी को संगीत प्रेमी आज भी याद करते हैं। दोनों ने मिलकर 140 से अधिक युगल गीत गाए, जो उस दौर के सुपरहिट साबित हुए। उनके गानों में “ना ना करते प्यार”, “तुमसे ओ हसीना”, “रहें ना रहें हम”, “तुमने पुकारा और हम चले आए” और “दिल ने फिर याद किया” जैसे गीत शामिल हैं, जो आज भी पुराने संगीत प्रेमियों की पहली पसंद हैं।

विरासत और संगीत में अमर पहचान

भले ही Suman Kalyanpur को वह अकेली पहचान नहीं मिली जो शायद मिलनी चाहिए थी, लेकिन संगीत की दुनिया में उनका योगदान आज भी अमर है। उनकी आवाज़ आज भी पुराने गानों के रूप में लोगों के दिलों में जिंदा है। उन्होंने साबित किया कि पहचान सिर्फ नाम से नहीं, बल्कि आवाज़ और कला से बनती है।

Location :  New Delhi

Published :  1 June 2026, 2:13 PM IST

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