Farrukhabad: कमालगंज CHC में एंबुलेंस घोटाला; फर्जी ID और अवैध वसूली का बड़ा खुलासा

फर्रुखाबाद के कमालगंज CHC में एंबुलेंस सेवा के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। यहाँ फर्जी ID बनाकर एंबुलेंस की नकली बुकिंग की जा रही है और गर्भवती महिलाओं से पेट्रोल के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। जानें सिस्टम की इस धांधली की पूरी सच्चाई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 April 2026, 2:41 AM IST
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Farrukhabad:  जनपद के कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सरकारी एंबुलेंस सेवा भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी नजर आ रही है। यहाँ 102 एंबुलेंस सेवा के चालक द्वारा एक गर्भवती महिला को अस्पताल से घर छोड़ने के बदले "पेट्रोल के पैसे" मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। इस अवैध वसूली का जब मौके पर मौजूद आशा कार्यकर्ता ने विरोध किया, तो तीखी झड़प शुरू हो गई।

हैरानी की बात यह है कि जब गरीब मरीज पैसे देने में असमर्थ होते हैं, तो उन्हें घंटों इंतजार कराया जाता है, जबकि सिस्टम में कागजी खानापूर्ति पहले ही पूरी कर ली जाती है।

बड़ा खुलासा: मोबाइल से फर्जी ID बनाकर हो रहा है एंबुलेंस का 'खेल'

पीड़िता और स्थानीय लोगों ने इस एंबुलेंस नेटवर्क का एक काला सच उजागर किया है। आरोप है कि 108 और 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़ा स्टाफ मोबाइल के जरिए फर्जी ID जेनरेट करता है। इस फर्जीवाड़े के जरिए एंबुलेंस को कागजों पर कहीं और चलते हुए दिखाया जाता है, जबकि वास्तविकता में इसका इस्तेमाल निजी लाभ या फर्जी बुकिंग के लिए किया जा रहा है।

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क्या हैं आरोप?

कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए यह बात सामने आई है कि स्टाफ द्वारा फर्जी ID बनाकर एंबुलेंस की नकली बुकिंग की जाती है, ताकि कागजों पर वाहन को व्यस्त दिखाकर जरूरतमंद और असली मरीजों को सेवा देने से मना किया जा सके।

इस धांधली के बीच सबसे गंभीर आरोप अवैध वसूली का है, जिसमें पूरी तरह निशुल्क सरकारी सेवा होने के बावजूद गरीब मरीजों और गर्भवती महिलाओं से ईंधन (पेट्रोल-डीजल) के नाम पर सरेआम रिश्वत मांगी जाती है। भ्रष्टाचार का यह जाल इतना गहरा है कि इस अवैध काली कमाई के बंटवारे को लेकर एंबुलेंस स्टाफ के बीच अक्सर आपसी कलह और विवाद की स्थिति बनी रहती है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर उन लाचार मरीजों को भुगतना पड़ रहा है जो समय पर इलाज की उम्मीद में अस्पताल पहुंचते हैं।

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मीडिया के पहुंचते ही हरकत में आया सिस्टम

जब इस पूरे हंगामे की खबर मीडिया तक पहुंची और टीम मौके पर पहुंची, तब जाकर स्वास्थ्य केंद्र का प्रशासन हरकत में आया। जो एंबुलेंस घंटों से उपलब्ध नहीं थी, वह अचानक मरीज के लिए तैयार हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है; जब तक दबाव न बनाया जाए, तब तक गरीब मरीजों को एंबुलेंस नसीब नहीं होती।

Location :  Farrukhabad

Published :  16 April 2026, 2:41 AM IST

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