हिंदी
महाराजगंज में साइबर गैंग का भंडाफोड़
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने बेहद चालाक तरीका अपनाकर लोगों को जाल में फंसाया। यह गिरोह गांव-गांव घूमकर लोगों को पुराने मोबाइल के बदले कंबल और बर्तन देता था। ग्रामीणों को यह सौदा फायदे का लगता था, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनके पुराने फोन साइबर अपराध का हिस्सा बन रहे हैं।
दरअसल, ये मोबाइल बाद में साइबर ठगों तक पहुंचाए जाते थे, जो इनके जरिए OTP फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और देश के अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ था।
महराजगंज पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 318 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 110 मोबाइल मदरबोर्ड, फर्जी बिल, नकदी और पांच मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
Deoria Muder: पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा, ऐसे खुला हत्या का राज, पढ़ें पूरी खबर
बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी बिहार के पूर्वी चंपारण और मोतिहारी इलाके के रहने वाले हैं। इनमें विकेश कुमार, रमाकांत साहनी, बृजबिहारी, मुन्ना कुमार और रामदरश शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि मुन्ना कुमार पहले से इस तरह के अपराधों में सक्रिय था, जबकि बाकी आरोपी भी लंबे समय से इस नेटवर्क का हिस्सा बने हुए थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सरकार द्वारा साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद इस गिरोह ने नया तरीका अपनाया। ये लोग पुराने मोबाइल इकट्ठा कर उन्हें Kolkata में बैठे अपने साथियों के जरिए साइबर गैंग तक पहुंचाते थे।
साइबर अपराधी इन मोबाइलों के मदरबोर्ड और इनबिल्ट IMEI का इस्तेमाल कर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। यह गिरोह 5 अप्रैल से श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल इलाके में सक्रिय था। सूचना मिलने के बाद साइबर थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Balrampur: तेंदुए की तलाश में वन विभाग ने चलाया ये खास अभियान, जानिए गांवों का हाल
पुलिस अब बरामद मोबाइलों का तकनीकी विश्लेषण करा रही है और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, बैंकिंग और हवाला कनेक्शन की भी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने साफ कहा है कि ऐसे साइबर गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पुराने मोबाइल बेचते समय सावधानी बरतें और केवल विश्वसनीय माध्यमों का ही इस्तेमाल करें, ताकि वे अनजाने में किसी साइबर अपराध का हिस्सा न बनें।
Location : Maharajganj
Published : 15 April 2026, 9:49 PM IST