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Deoria: उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत देवरिया पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वर्ष 2018 में दर्ज दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए न्याय और अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार थाना गौरीबाजार में वर्ष 2018 में मुकदमा संख्या 261/2018 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323, 504, 506 तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत संतु राजभर पुत्र त्रिवेणी राजभर, निवासी थाना गौरीबाजार, जनपद देवरिया को नामजद किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया और मामले की लगातार पैरवी की।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने सशक्त साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने 17 जुलाई 2026 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर ₹10,000 का अर्थदंड भी लगाया गया।
इस मुकदमे में विशेष लोक अभियोजक हरिदत्त मिश्रा और सम्पूर्णानन्द तिवारी ने प्रभावी पैरवी की। वहीं कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी सोनू यादव, पैरवीकार आरक्षी रविन्द्र यादव तथा मॉनिटरिंग सेल प्रभारी दुर्गेश कुमार सिंह ने साक्ष्यों और दस्तावेजों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य की सराहना की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य गंभीर अपराधों में आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है। देवरिया में आए इस फैसले को अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।
Location : Deoria
Published : 18 July 2026, 3:19 PM IST
Topics : Deoria News POCSO Act rape case