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Lucknow: उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को 14 नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी। इस सूची में पार्टी ने जातीय संतुलन का पूरा ख्याल रखा है। अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। नए जिलाध्यक्षों में 7 सामान्य वर्ग, 6 पिछड़ी जातियों और 1 अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को जातीय रूप से मजबूत बनाना चाहती है।
स्वतंत्र देव सिंह और केशव प्रसाद मौर्य के गृह जिलों में बड़ी जिम्मेदारी
नई सूची में सबसे उल्लेखनीय पहल यह है कि 14 में से 5 पुराने जिलाध्यक्षों पर भाजपा ने दोबारा भरोसा जताया है। इनमें जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के गृह जिले जालौन से उर्विजा दीक्षित और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जिले कौशांबी से धर्मराज मौर्या शामिल हैं। दोनों पहले भी पार्टी संगठन में सक्रिय थे और उनके कार्यकाल को देखते हुए उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इनको भी मिली जिम्मेदारी
इसके अलावा अलीगढ़ जिले में कृष्णपाल सिंह, अलीगढ़ महानगर से राजीव शर्मा और फिरोजाबाद जिले से उदय प्रताप सिंह पर भी भाजपा ने फिर भरोसा जताया है। ये सभी क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर पर सक्रियता और चुनावी तैयारी के लिए जाने जाते हैं।
दागी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को पद से हटा दिया
फतेहपुर जिले में बड़ा बदलाव करते हुए भाजपा ने दागी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को पद से हटा दिया है। उन पर पार्टी पद दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपए लेने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद संगठन ने उन्हें हटाने का फैसला लिया। उनकी जगह अन्नू श्रीवास्तव को फतेहपुर का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा की यह कार्रवाई संगठन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संकेत मानी जा रही है।
अब तक 84 जिलाध्यक्षों की घोषणा हो चुकी, 14 जिले बाकी
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 17 मार्च को 98 संगठनात्मक जिलों में से 70 जिलाध्यक्षों की सूची पहले ही जारी की जा चुकी थी। अब इन 14 नई नियुक्तियों के साथ कुल 84 जिलाध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है। अब केवल 14 जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा बाकी है। भाजपा ने अभी तक कुल 53 जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं, जबकि 31 पुराने जिलाध्यक्षों को पुनः मौका दिया गया है।
जातीय रणनीति साफ झलकी
यूपी भाजपा की जातीय रणनीति भी इस सूची से साफ झलकती है। अब तक घोषित 84 जिलाध्यक्षों में से सामान्य वर्ग के 45, अनुसूचित जाति के 7, पिछड़ी जातियों के 32 जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 4 कायस्थ, 21 ब्राह्मण, 5 वैश्य और 13 ठाकुर समाज से जिलाध्यक्ष चुने गए हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा 2024 लोकसभा चुनाव के बाद भी सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
Location : Lucknow
Published : 27 November 2025, 1:42 PM IST
Topics : bjp UP Election 2027 UP BJP uttar pradesh