गोदाम में होना था सैकड़ों टन अनाज, मौके पर मिला खाली! बलरामपुर में 59.59 लाख की हेराफेरी का खुलासा

बलरामपुर में सरकारी अनाज से जुड़ी जांच ने ऐसा मामला सामने ला दिया, जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। दो बी-पैक्स केंद्रों के रिकॉर्ड में सैकड़ों टन खाद्यान्न मौजूद था, लेकिन मौके पर स्थिति बिल्कुल अलग मिली।

Balrampur: सरकारी अनाज की खरीद और भंडारण से जुड़े एक बड़े मामले ने बलरामपुर में हड़कंप मचा दिया है। खाद्य एवं सहकारिता विभाग की जांच के दौरान दो बी-पैक्स क्रय केंद्रों पर कागजों में मौजूद खाद्यान्न और मौके की स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में कुल 228.764 मीट्रिक टन खाद्यान्न गायब मिला, जिसकी कीमत करीब 59.59 लाख रुपये आंकी गई है।

मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी प्रकाश सिंह निवासी दुल्हिन डीह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे अदालत भेजा गया है।

जांच टीम पहुंची तो खुलने लगीं गड़बड़ी की परतें

मामला उस समय सामने आया जब खाद्य एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम ने नचौरी-नचौरा और कौवापुर स्थित बी-पैक्स केंद्रों पर खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन शुरू किया। नचौरी-नचौरा केंद्र के रिकॉर्ड में चालू सत्र के दौरान कुल 420.87 मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीदा जाना दर्ज था। इसमें से 353.759 मीट्रिक टन अनाज भारतीय खाद्य निगम को भेजे जाने की जानकारी मिली। हिसाब के मुताबिक बाकी खाद्यान्न केंद्र के गोदाम में होना चाहिए था।

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जांच टीम जब गोदाम पहुंची तो वहां एक और परेशानी सामने आई। गोदाम की चाबी उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण टीम अंदर जाकर स्टॉक का मिलान नहीं कर सकी। इसके बाद खिड़कियों से अंदर देखने पर गोदाम खाली नजर आया।

दूसरे केंद्र पर भी नहीं मिला अनाज

इसके बाद जांच टीम ने कौवापुर बी-पैक्स केंद्र का रुख किया। यहां रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर और भी बड़ा मिला। दस्तावेजों के अनुसार इस केंद्र पर 322.600 मीट्रिक टन खाद्यान्न की खरीद दर्ज थी। इसमें से 160.947 मीट्रिक टन अनाज भारतीय खाद्य निगम को सौंपा गया था। रिकॉर्ड के हिसाब से इसके बाद भी 161.653 मीट्रिक टन खाद्यान्न गोदाम में बचना चाहिए था।

लेकिन मौके पर जांच टीम को गोदाम में यह अनाज नहीं मिला। यानी कागजों में स्टॉक मौजूद था, जबकि जमीन पर उसकी मौजूदगी नहीं मिली।

59 लाख से ज्यादा की सरकारी संपत्ति का हिसाब गायब

दोनों केंद्रों की जांच के बाद सामने आए आंकड़ों को जोड़ा गया तो कुल 228.764 मीट्रिक टन खाद्यान्न गायब मिला। इसकी बाजार कीमत 59,59,302.20 रुपये बताई गई है। जांच के दौरान खाद्यान्न की इस कमी को गंभीर मामला माना गया। आरोप है कि सरकारी धन से खरीदे गए खाद्यान्न को नियमों के मुताबिक सुरक्षित रखने और आगे भेजने के बजाय गायब कर दिया गया। मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तुलसीपुर थाने में शिकायत दी गई, जिसके आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया।

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सबूत मिलने के बाद आरोपी गिरफ्तार

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों और सामने आए तथ्यों को आधार बनाकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उपनिरीक्षक भूपेंद्र तिवारी की टीम ने नामजद आरोपी प्रकाश सिंह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत अदालत भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि सरकारी संपत्ति के गबन से जुड़े मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Location :  Balrampur

Published :  13 September 2026, 9:58 AM IST

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