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लता मंगेशकर (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: सुरों की कोकिला लता मंगेशकर ने अपने लंबे और स्वर्णिम संगीत सफर में अनगिनत यादगार गीत गाए, जिनकी गूंज आज भी देश-दुनिया में सुनाई देती है। लेकिन जब बात लोक आस्था के महापर्व छठ की आती है, तो उनका गाया हुआ एक खास भोजपुरी गीत आज भी लोगों के दिलों को गहराई तक झकझोर देता है। करीब 47 साल पहले रिकॉर्ड किया गया यह भावुक गीत आज भी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के घर-घर और छठ घाटों पर गूंजता है और सुनने वालों की आंखें नम कर देता है।
छठ पूजा के इस बेहद लोकप्रिय और दर्दभरे भक्ति गीत का शीर्षक 'मेरे माथे का सिंदूर' है। इस उत्कृष्ट रचना के पीछे भारतीय संगीत जगत के दो महान कलाकारों का योगदान रहा है। इस गीत के मर्मस्पर्शी बोल प्रसिद्ध गीतकार प्रदीप कुमार ने लिखे थे, जो सीधे सुनने वाले के दिल पर असर करते हैं। वहीं, इस गीत को अपनी जादुई धुनों से सजाने वाले शख्स असम के महान संगीतकार और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित डॉ. भूपेन हजारिका थे। इन दोनों दिग्गजों की कला और लता मंगेशकर की अलौकिक आवाज ने मिलकर इस गीत को अमर बना दिया।
यह ऐतिहासिक गाना मूल रूप से 'छठ मैया की महिमा' नामक एल्बम का हिस्सा है। पिछले 47 सालों से यह गीत बिहार और पूर्वांचल के महापर्व छठ की अनूठी पहचान बना हुआ है। साल 2022 में जब स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन हुआ, तो देश भर में उनके चाहने वाले शोक में डूब गए थे। उनकी असीम याद और संगीत में उनके योगदान को सम्मान देने के लिए एक खास श्रद्धांजलि एल्बम 'श्रद्धांजलि लता जी - भोजपुरी' जारी किया गया था। इस विशेष एल्बम में भी इस कालजयी गीत को प्रमुखता से शामिल किया गया था।
आज के दौर में जहां संगीत में कई बदलाव देखने को मिलते हैं, वहीं 47 साल पुराना यह गीत आज भी अपनी सादगी, पवित्रता और भक्ति भाव के लिए जाना जाता है। छठ पर्व के दौरान आस्था और समर्पण से सराबोर यह रचना भोजपुरी संगीत के इतिहास के सबसे बेहतरीन और साफ-सुथरे गानों में शुमार की जाती है। लता मंगेशकर के सुरों की मिठास, भूपेन हजारिका का बेहतरीन संगीत और प्रदीप कुमार के मार्मिक शब्दों का यह मेल आज भी पीढ़ियों से लोगों की जुबान पर और छठ पर्व की आबोहवा में जीवंत है।
Location : New Delhi
Published : 12 September 2026, 2:54 PM IST
Topics : Chhath Puja songs Chhathh Maiya Ki Mahima Lata Mangeshkar Bhojpuri song Lata Mangeshkar Mere Mathe Ka Sindur
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