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पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा सोनिया गांधी से मिले
Chandigarh: अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में सियासी हलचलें अचानक तेज हो गई हैं। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत सूबे के कई शीर्ष कांग्रेसी नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षा सोनिया गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक को पंजाब कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व में होने वाले संभावित बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर हुई इस अहम बैठक में पंजाब कांग्रेस का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा। मुलाकात करने वाले नेताओं में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के वरिष्ठ सदस्य विजय इंदर सिंगला मुख्य रूप से शामिल थे। नेताओं ने आलाकमान के सामने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और चुनावी तैयारियों का पूरा खाका पेश किया।
मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने साफ किया कि वे सभी पार्टी के प्रति पूरी तरह वफादार हैं। बाजवा ने कहा, "राहुल गांधी ने आज पंजाब के पांच वरिष्ठ नेताओं को विचार-विमर्श के लिए बुलाया था। मैंने उनके सामने राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर अपना दृष्टिकोण रख दिया है। आलाकमान जो भी फैसला करेगा, हम सब उसका पुरजोर समर्थन करेंगे। हम कांग्रेस के समर्पित और पक्के सिपाही हैं। पार्टी हमें कोई पद दे या न दे, हम राहुल जी और कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।"
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यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भटनलाल जाटव को पंजाब के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। साल 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि आम आदमी पार्टी ने एकतरफा बहुमत हासिल किया था। अब कांग्रेस साल 2017 के अपने उस शानदार प्रदर्शन को दोहराने की रणनीति बना रही है, जहां उसने 77 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी।
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में पंजाब के सभी दिग्गज नेताओं को आपसी मतभेद और गुटबाजी को पूरी तरह खत्म करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव में केवल जमीनी स्तर पर काम करने वाले चेहरों को ही टिकट और संगठन में तरजीह दी जाएगी।
बैठक में वर्तमान सत्ताधारी दल के खिलाफ राज्य में बढ़ रहे असंतोष, कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर जनता के बीच आक्रामक आंदोलन चलाने की रणनीति पर भी सहमति बनी है।
Location : Chandigarh
Published : 21 June 2026, 2:05 PM IST