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प्रतीकात्क छवि (Image Source: Dynamite News)
Azamgarh: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की देवगांव कोतवाली पुलिस को शनिवार की मध्यरात्रि एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने महिलाओं को झांसा देकर गहने ठगने वाले एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सरूपहां क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने बिहार के दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से एक बदमाश पैर में गोली लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) लालगंज भूपेश पांडेय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह के खिलाफ 16 जून को देवगांव कोतवाली में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। कंजहित गांव के निवासी जयनारायण दुबे ने तहरीर दी थी कि दो अज्ञात जालसाजों ने उनकी पत्नी मनोरमा दुबे को गहने साफ करने और उन्हें नए जैसा चमकाने का झांसा दिया। बातों में फंसाकर आरोपियों ने उनके सोने के कीमती आभूषण ठग लिए और जब महिला ने विरोध किया, तो वे हथियार दिखाकर डराते हुए मौके से फरार हो गए।
इस वारदात के बाद से ही पुलिस टीम लगातार अपराधियों की सुरागकशी में जुटी हुई थी। शनिवार की आधी रात को पुलिस टीम गायत्री मोड़ पर संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे बाइक मोड़कर तेजी से भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्काल उनका पीछा किया। भागने के चक्कर में सरूपहां क्षेत्र के पास बदमाशों की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी गोलीबारी की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और दूसरे को पुलिस ने दौड़कर दबोच लिया।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान चाहत कुमार (उम्र 22 वर्ष) और मुन्ना शाह (उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से बिहार के कटिहार जनपद के कुरसेला थाना क्षेत्र के समेली के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से घटना में लूटी गई सोने की एक चेन, कान के दो झाले, एक अवैध देसी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे यूपी सहित कई राज्यों में घूम-घूमकर भोले-भाले लोगों और महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे।
पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि ये बदमाश महिलाओं को झांसा देने के लिए एक विशेष रासायनिक पाउडर (केमिकल घोल) का इस्तेमाल करते थे, जिसमें गहने डालते ही वे कुछ देर के लिए चमक जाते थे, लेकिन असल में आभूषण का सोना गलकर उस केमिकल में मिल जाता था।
इस शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह को दबोचने और अदम्य साहस का परिचय देने वाली देवगांव पुलिस टीम को जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई है।
Location : Azamgarh
Published : 21 June 2026, 1:35 PM IST