इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ आज का दिन: पंडित जवाहरलाल नेहरू से आगे निकले पीएम मोदी

10 जून 2026 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहकर पंडित नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर आज दिल्ली के भारत मंडपम में एनडीए की बड़ी बैठक होगी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 10 June 2026, 9:40 AM IST
google-preferred

New Delhi: भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन यानी 10 जून 2026 एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दशकों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पीएम मोदी के नाम अब लगातार 4,399 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री पद पर रहने का गौरवशाली रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।

नेहरू और मोदी के कार्यकाल का गणित

इससे पहले यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज था। देश की आजादी के बाद नेहरू ने पहले आम चुनाव के बाद मई 1952 से लेकर 27 मई 1964 तक लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली थी। हालांकि, नेहरू 1947 से 1952 तक अंतरिम सरकार के प्रमुख भी रहे थे, लेकिन निर्वाचित पीएम के तौर पर उनका कार्यकाल मई 1952 से गिना जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पीएम मोदी का यह रिकॉर्ड इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यह पूर्ण बहुमत और लगातार निर्वाचित कार्यकाल का अटूट रिकॉर्ड है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल भले ही लगभग 14 वर्ष का रहा, लेकिन वह लगातार नहीं था।

नेहरू और मोदी के कार्यकाल का सबसे बड़ा अंतर

पंडित नेहरू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में सबसे बड़ा अंतर 'राजनीतिक और रणनीतिक कार्यशैली' का है। नेहरू का दौर स्वतंत्रता के बाद देश के नवनिर्माण, संस्थानों की स्थापना और वैश्विक स्तर पर गुटनिरपेक्ष (Non-Aligned) नीति पर केंद्रित था। वहीं, पीएम मोदी का कार्यकाल 'अग्रिम और आक्रामक' (Proactive & Assertive) नीतियों का गवाह रहा है।

मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाना, डिजिटल गवर्नेंस और सीधे डीबीटी (DBT) के जरिए कड़े फैसले लिए, जो नेहरू कालीन धीमी प्रशासनिक रफ्तार से बिल्कुल अलग हैं। नेहरू जहां समाजवाद और आम सहमति की राजनीति के प्रतीक थे, वहीं मोदी 'अंत्योदय' और 'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म' के मंत्र के साथ देश को पूर्ण डिजिटल व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़े हैं।

23 दल, एक एजेंडा और मोदी सरकार निशाने पर! आज इंडिया गठबंधन की अहम बैठक पर सबकी नजर

केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे, दिल्ली में एनडीए का महामंथन

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही केंद्र में मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष भी पूरे हो गए हैं। इस दोहरे जश्न के मौके पर आज देश की राजधानी दिल्ली में एनडीए (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। दोपहर 3 बजे भारत मंडपम में होने वाली इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और एनडीए के सहयोगी दलों के प्रमुख हिस्सा लेंगे।

इस बैठक में गठबंधन की भविष्य की रणनीति और देश के विकास से जुड़े विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद पीएम मोदी एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ संवाद करेंगे और उनके लिए एक विशेष डिनर की मेजबानी भी करेंगे।

साधारण पृष्ठभूमि से सत्ता के शिखर तक का सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर आधुनिक भारतीय इतिहास की सबसे प्रेरक और चर्चित यात्राओं में से एक है। एक बेहद साधारण परिवार में जन्मे नरेंद्र मोदी का शुरुआती जीवन कड़े संघर्षों के बीच बीता। उनके पिता रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे और परिवार के पास बेहद सीमित संसाधन थे।

राजनीति की मुख्यधारा में आने से पहले नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में जमीन पर कई दशकों तक काम किया। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और बाद में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में अपनी जगह बनाई।

PM मोदी ने लिया नाम और फिर चर्चा में छा गया लंगड़ा आम, 300 साल पुरानी कहानी कर देगी हैरान

13 साल मुख्यमंत्री और फिर देश की कमान

नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक सफर की शुरुआत साल 2001 में हुई जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वह लगभग 13 वर्षों तक गुजरात के सीएम रहे और वहां के विकास मॉडल को देश के सामने रखा। इसके बाद साल 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाकर वह पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने। जनता के अटूट भरोसे के दम पर उन्होंने 2019 और फिर 2024 के आम चुनावों में भी लगातार ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

मोदी सरकार के इन 12 वर्षों के कार्यकाल को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, डिजिटल इंडिया क्रांति, अभूतपूर्व बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास और 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' जैसे कड़े व बड़े नीतिगत फैसलों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

Location :  New Delhi

Published :  10 June 2026, 9:40 AM IST

Advertisement