लाखों खर्च हुए, फिर भी खिलाड़ियों का सपना टूटा… 8.50 लाख का आदर्श खेल मैदान बना कूड़ाघर, युवाओं में गुस्सा

गोरखपुर के एक गांव में खिलाड़ियों के लिए बनाया गया आदर्श खेल मैदान अब अपनी पहचान खोता जा रहा है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी मैदान की हालत ऐसी हो गई है कि खिलाड़ी अभ्यास करने से बच रहे हैं।

Gorakhpur: गोरखपुर में कभी खिलाड़ियों की प्रतिभा को नई उड़ान देने वाला गोला ब्लॉक के ग्राम सभा बरईपुरा उर्फ पड़ौली का आदर्श क्रीड़ा स्थल आज बदहाली की मार झेल रहा है। वर्ष 2020 में मनरेगा और राज्य वित्त आयोग की लगभग 8.50 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया यह खेल मैदान अब अपनी पहचान खो चुका है।

कभी फुटबॉल, क्रिकेट और विभिन्न स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं की गूंज से गुलजार रहने वाला मैदान आज गड्ढों, जलभराव, घास-फूस और कूड़े-करकट से पट गया है। हालात ऐसे हैं कि खिलाड़ी यहां अभ्यास करने से कतराने लगे हैं।

राज्य खेल मंत्री ने किया था उद्घाटन

करीब दो एकड़ क्षेत्र में फैला यह मैदान गोला ब्लॉक मुख्यालय और आनंद विद्यापीठ इंटर कॉलेज के निकट स्थित है। जून 2020 में इसके उद्घाटन के दौरान तत्कालीन दर्जा प्राप्त राज्य खेल मंत्री विभ्राट चन्द कौशिक ने इसे ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था। उन्होंने ग्राम प्रधानों से नवयुवक मंगल दल का गठन कर युवाओं को खेलों से जोड़ने का आह्वान भी किया था।

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तत्कालीन ग्राम प्रधान संपूर्णानंद पांडेय ने बताया कि वर्ष 2019-20 में राज्य वित्त एवं मनरेगा की धनराशि से मैदान का समतलीकरण कराया गया था। इसके साथ ही लोहे की ग्रिल, तारबाड़, प्रवेश द्वार और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई थीं। लेकिन समय के साथ रखरखाव के अभाव में पूरा मैदान उजड़ता चला गया। वर्तमान में मैदान की देखरेख ग्राम पंचायत प्रशासन के जिम्मे है, लेकिन लापरवाही के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती गई।

युवाओं ने बताई मैदन की खामियां

प्रतिदिन अभ्यास करने वाले राहुल, गोलू, आदर्श बाबा, नितेश, मल्लू, शुभम, आशुतोष राय, आशीष, हरिकेश और अंकित समेत पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने बताया कि मैदान में जगह-जगह गड्ढे, जलभराव और झाड़ियां होने से दौड़ और अभ्यास करना जोखिम भरा हो गया है। कई बार खिलाड़ी चोटिल भी हो चुके हैं। मैदान परिसर में स्थित वंशक्ति माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने प्रशासन से मैदान का तत्काल सुंदरीकरण, नियमित रखरखाव तथा इसे मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस मैदान को नहीं संवारा गया तो सरकार की लाखों रुपये की लागत और ग्रामीण युवाओं के सपने दोनों मिट्टी में मिल जाएंगे। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) गोला दिवाकर सिंह ने बताया कि खेल मैदान की स्थिति सुधारने के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही साफ-सफाई, समतलीकरण और आवश्यक मरम्मत कराकर खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

Location :  Gorakhpur

Published :  25 July 2026, 8:08 PM IST

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