पति और ससुर की अर्थी उठने के बाद सास ने बहू को बेटी बना कर दी विदाई, मुजफ्फरनगर की इस दास्तान ने जीता सबका दिल

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली से एक बेहद प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां पति और ससुर की एक महीने के भीतर मौत के बाद सास सुनीता ने अपनी विधवा बहू मीनाक्षी की दूसरी शादी कराकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 24 September 2026, 1:23 PM IST
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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक शादी ने प्रगतिशील सामाजिक सोच की नई मिसाल पेश की है। यहां एक मां ने अपने बेटे की मौत के ठीक एक महीने बाद अपनी बहू का भविष्य सुरक्षित करने का फैसला किया और उसकी शादी वैसे ही करवाई जैसे वह अपनी बेटी की करवाती। शादी की रस्मों के दौरान छोटे देवर ने भाई की भूमिका निभाई और कन्यादान की रस्म पूरी की।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

खतौली कस्बे के दयालपुरम के रहने वाले रोहित ने लगभग दस साल पहले हरिद्वार के बहादुरपुर की रहने वाली मीनाक्षी से शादी की थी। यह जोड़ा खुशहाल जिंदगी जी रहा था और उनकी दो बेटियां थीं: रितु (7 साल) और अविका (1.5 साल)। हालांकि, परिवार पर अचानक एक बड़ा दुख आ पड़ा। 14 अगस्त को रोहित के पिता ओमपाल जो पेशे से राजमिस्त्री थे कैंसर से जूझने के बाद गुजर गए। परिवार अभी पिता की मौत के सदमे से उबरना शुरू ही हुआ था कि 15 अगस्त को रोहित का भी निधन हो गया।

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सास ने बहू के भविष्य के लिए लिया बड़ा फैसला

बेटे की मौत के बाद अपनी युवा बहू और दो छोटी पोतियों की जिम्मेदारी को देखते हुए रोहित की मां सुनीता ने मीनाक्षी के भविष्य के बारे में सोचा। उन्होंने अपनी बहू की दोबारा शादी करवाने का फैसला किया। इसके बाद राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश के साथ रिश्ता तय हुआ। शादी बुधवार को आर्य समाज मंदिर में पूरी पारंपरिक रस्मों के साथ संपन्न हुई।

देवर ने निभाई भाई की जिम्मेदारी, किया कन्यादान

शादी में रोहित के छोटे भाई मोहित ने अपनी भाभी को बहन की तरह माना और उससे जुड़ी सभी रस्में निभाईं। अपने भाई की जगह लेते हुए उन्होंने मीनाक्षी का कन्यादान किया। मोहित ने बताया कि अपने भाई और पिता के गुजर जाने के बाद भी, उनकी भाभी की पूरी जिंदगी अभी बाकी थी। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परिवार ने उनकी सहमति से यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी अपनी बहू और उसके परिवार का साथ देते रहेंगे।

बहू नहीं, बेटी की तरह विदाई

मीनाक्षी ने कहा कि वह अपनी मर्जी से इस शादी के लिए तैयार हुई हैं और परिवार ने उनके लिए बहुत अच्छा फैसला लिया है। उन्होंने इस फैसले पर खुशी जाहिर की और बताया कि उनकी सास ने उन्हें बिल्कुल वैसे ही विदा किया जैसे किसी बेटी को किया जाता है।

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वहीं, उनकी सास सुनीता ने कहा कि उनका मकसद अपनी बहू की जिंदगी को खुशहाल बनाना था। उन्होंने कहा कि वह मीनाक्षी को अपनी बेटी मानकर विदा कर रही हैं और भविष्य में भी उनका रिश्ता मजबूत बना रहेगा। मुजफ्फरनगर की इस शादी ने समाज के सामने एक मिसाल पेश की क्योंकि एक परिवार ने दुख के समय में भी अपनी बहू के भविष्य और खुशी को प्राथमिकता दी।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  24 September 2026, 1:23 PM IST

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