Stock Market: सेंसेक्स में 1000 अंकों की बड़ी गिरावट, वैश्विक तनाव और कच्चे तेल के दाम बढ़ने से बाजार धराशायी

भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई, ग्लोबल अनिश्चितता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली के दबाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी गिरे। निवेशक अहम ग्लोबल घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए हैं।

Updated : 24 September 2026, 4:00 PM IST
google-preferred

Mumbai: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों को बड़ा झटका लगा। कमजार ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अहम सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के बीच बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और अर्थव्यवस्था पर उनके संभावित असर को लेकर निवेशकों की बढ़ती चिंताओं को दिखाती है।

ट्रेडिंग सेशन के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में काफी गिरावट आई, जिसमें बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने बाज़ार को सबसे ज्यादा नीचे खींचा।

ग्लोबल चिंताओं से बिकवाली का दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच जियोपॉलिटिकल तनाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बाज़ार में गिरावट आई। निवेशक सतर्क रहे क्योंकि ग्लोबल एनर्जी मार्केट में किसी भी तरह की रुकावट कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाल सकती है और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ा सकती है।

Stock Market Pre-Open Rules: शेयर बाजार में आज से लागू हुए नए नियम, ट्रेडिंग करने से पहले जान लें ये बड़ी बात

चूंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से अक्सर महंगाई, कॉर्पोरेट लागत और कुल मिलाकर बाज़ार के सेंटीमेंट को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने इंडेक्स को नीचे खींचा

सेशन के दौरान फाइनेंशियल सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। बैंकिंग शेयरों, जिनका भारतीय शेयर बाजार में अहम वेटेज है, ने भी गिरावट में योगदान दिया।

बाजार के भागीदारों ने इक्विटी की अगली दिशा का आकलन करते हुए विदेशी निवेशकों की गतिविधि, ग्लोबल बाजार के रुझानों और आने वाले आर्थिक संकेतकों पर भी नजर रखी।

Stock Market धड़ाम! सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर खुले, बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली, कहीं डूब तो नहीं रहा आपका निवेश?

कच्चे तेल की कीमतें अहम कारक बनी हुई हैं

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। एनर्जी की बढ़ती लागत ट्रांसपोर्टेशन, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स समेत कई सेक्टरों को प्रभावित कर सकती है।

जानकारों का मानना ​​है कि ग्लोबल घटनाक्रम, खासकर तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर डालने वाले घटनाक्रम, आने वाले सेशन में बाजार की चाल को प्रभावित करने वाले अहम कारक बने रहेंगे।

निवेशक ग्लोबल संकेतों पर नजर रखे हुए हैं

हालिया गिरावट यह दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम किस तरह भारतीय बाजारों को प्रभावित करते रहते हैं। ट्रेडर और निवेशक बाज़ार की अगली दिशा के लिए कच्चे तेल की चाल, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों और ग्लोबल आर्थिक रुझानों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

Location :  Mumbai

Published :  24 September 2026, 4:00 PM IST

Advertisement