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सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर खुले (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज यानी मंगलवार को कमजोर और सुस्त रुख के साथ हुई। कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का असर घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स पर साफ देखने को मिला। बाजार खुलते ही निवेशकों में सतर्कता का माहौल नजर आया।
कारोबार की शुरुआत से पहले ही गिफ्ट निफ्टी ने बाजार में गिरावट के संकेत दे दिए थे। गिफ्ट निफ्टी 24,170 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 60 अंक नीचे था। इसके अलावा एशियाई बाजारों में भी मंदी का असर रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स करीब 1.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि जापान के निक्केई (Nikkei) में भी सुस्ती छाई रही।
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में जोरदार मुनाफावसूली देखने को मिली। दिग्गज चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के आगामी वित्तीय नतीजों से पहले निवेशकों ने एआई (AI) से जुड़े शेयरों में बिकवाली की। इसका असर यह रहा कि नैस्डैक कंपोजिट 0.76 प्रतिशत और एसएंडपी 500 0.28 प्रतिशत टूटकर बंद हुए, हालांकि डॉव जोन्स मामूली बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहा।
घरेलू मोर्चे पर, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 73 अंकों की कमजोरी के साथ 77,295 पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 43 अंक फिसलकर 24,175 के स्तर पर ओपन हुआ। जानकारों का मानना है कि वैश्विक दबाव और घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली के चलते बाजार फिलहाल एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दिखा रहा है।
बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,100 से 24,000 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट जोन का काम कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि इस स्तर के आसपास आने वाली किसी भी कमजोरी को निवेशक खरीदारी के एक नए मौके के तौर पर देख सकते हैं। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ 24,300 का स्तर एक बड़ी रुकावट (रेजिस्टेंस) बना हुआ है, जिसे पार करने के बाद ही बाजार में तेजी का नया दौर लौट सकता है। वहीं, सेंसेक्स के लिए 76,800 का स्तर अहम सपोर्ट है।
इस हफ्ते निवेशकों का पूरा फोकस अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर है। इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी फेड चेयर के जैक्सन होल भाषण और बुधवार को जारी होने वाले पीसीई (PCE) महंगाई के आंकड़े बाजार की अगली दिशा तय करेंगे। इन महत्वपूर्ण ट्रिगर्स से यह साफ होगा कि आगामी समय में ब्याज दरों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर फेड का अगला कदम क्या होगा।
Location : New Delhi
Published : 25 August 2026, 9:51 AM IST