हिंदी
चंपत राय (Img: X)
Ayodhya: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अंदरूनी जांच में पता चला कि चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर पहले भी संदेह जताया गया था। चंपत राय की गोपनीय डायरी में दर्ज जानकारी के अनुसार, अप्रैल में एक युवक को परिसर से हटा दिया गया था। उस पर चोरी से जुड़ा आरोप लगाया गया था।
4 जून को चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने पुराने घटनाक्रम की भी दोबारा पड़ताल शुरू की। जांच में युवक से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की गई, जिससे मामले की तस्वीर और उलझ गई।
डायरी के मुताबिक, हटाए गए कर्मचारी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए चढ़ावे की रकम की गिनती करने वाले दो कर्मचारियों को बुलाया गया। दोनों अयोध्या के रहने वाले थे और उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों के बयान एक-दूसरे से अलग मिले। एक कर्मचारी ने बताया कि युवक को चोरी के आरोप में हटाया गया था।
वहीं, दूसरे कर्मचारी का कहना था कि युवक ने चोरी की शिकायत बैंक अधिकारी से की थी और इसी वजह से उसे परिसर से हटाया गया। दोनों बयानों में अंतर सामने आने के बाद कर्मचारियों को वापस भेज दिया गया। इस घटनाक्रम ने ट्रस्ट की व्यवस्था और चढ़ावे की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
यह भी पढ़ें: Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा ट्विस्ट, कथित डायरी के पन्नों में दर्ज दावों ने अयोध्या में बढ़ाई हलचल
डायरी में दर्ज जानकारी के अनुसार, 5 जून की रात से 8 जून की शाम तक लगातार पूछताछ और रकम की रिकवरी की प्रक्रिया चली। ट्रस्ट ने पुलिस कार्रवाई से पहले ही अपने स्तर पर मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी।
इस दौरान कई लोगों से पूछताछ की गई और देवोत्तर फंड का एक बड़ा हिस्सा वापस लेने की कोशिश की गई। 8 जून को डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव, परिसर में तैनात तीन पुलिसकर्मियों और चंपत राय ने भी पूछताछ की।
यह भी पढ़ें: Ayodhya News: ‘मैंने तो चिट्ठी देखी भी नहीं…’ चंपत राय के पत्र से जुड़े सवाल पर नृपेंद्र मिश्र का दोटूक जवाब
डायरी में दर्ज घटनाक्रम सामने आने के बाद अब जांच का दायरा सिर्फ 4 जून की चोरी तक सीमित नहीं रह गया है। अप्रैल में कर्मचारी को हटाए जाने, उसके बारे में दो अलग-अलग बयान सामने आने और जून में फिर चढ़ावे की गड़बड़ी मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की घटनाएं जून की घटना से पहले से चल रही थीं। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि चढ़ावे की गिनती और रकम की निगरानी की व्यवस्था में कहीं कोई कमी तो नहीं थी। फिलहाल, डायरी में दर्ज पुरानी घटनाओं और जून में सामने आए मामले को जोड़कर देखा जा रहा है। इन घटनाओं की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Ayodhya
Published : 25 August 2026, 8:57 AM IST