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Jio को पछाड़ Airtel बनी देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी (IMG: Dynamite News)
New Delhi: भारतीय टेलीकॉम बाजार में मुकेश अंबानी की जियो को बड़ा झटका लगा है। सितंबर तिमाही के शानदार नतीजों के बाद भारती एयरटेल ने मार्केट कैप के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स को पीछे छोड़ दिया है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में एयरटेल के शेयरों में तीन फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जिसके बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण 13 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इसी के साथ भारती एयरटेल देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है।
खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट होते ही इस स्थान पर पहुंची थी, लेकिन अब एयरटेल ने उससे यह रैंकिंग छीन ली है। एयरटेल के मुनाफे में 31 फीसदी की बढ़ोतरी और रेवेन्यू में 17 फीसदी की तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। वहीं, जियो के शेयरों में गिरावट के चलते दोनों कंपनियों के बीच बाजार पूंजीकरण का अंतर भी बदल गया है।
भारती एयरटेल के सितंबर तिमाही के नतीजे गुरुवार को जारी हुए थे। इसके बाद शुक्रवार को बाजार खुलते ही कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बीएसई पर शुरुआती कारोबार में एयरटेल का शेयर करीब 3 फीसदी चढ़कर 2,120 रुपये पर पहुंच गया। शेयरों में आई इस तेजी का सीधा असर कंपनी के मार्केट कैप पर पड़ा और इसका बाजार पूंजीकरण 13 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ शेयर की तेजी कुछ कम हुई।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग के साथ ही देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनने का मुकाम हासिल किया था। लेकिन एयरटेल के मजबूत तिमाही नतीजों और शेयरों में तेजी के बाद अब स्थिति बदल गई है। शुक्रवार सुबह जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:45 बजे कंपनी का शेयर 1.50 फीसदी टूटकर 1,397.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस भाव पर जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप 12,86,685.79 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 12,95,590.42 करोड़ रुपये था।
भारती एयरटेल के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे रहे। कंपनी ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के परिणाम जारी किए। कंपनी के मुताबिक, सितंबर तिमाही में उसका नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 31 फीसदी बढ़कर 8,887.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले के मुकाबले मुनाफे में हुई इस बढ़ोतरी को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
टेलीकॉम कंपनियों के प्रदर्शन को समझने के लिए एवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी ARPU एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। इससे पता चलता है कि कंपनी प्रत्येक ग्राहक से औसतन कितनी कमाई कर रही है। सितंबर तिमाही में भारती एयरटेल का ARPU बढ़कर 271 रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 256 रुपये था। यानी एक साल में कंपनी के ARPU में 15 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, जियो प्लेटफॉर्म्स का सितंबर तिमाही में ARPU 218.8 रुपये रहा। इस तरह दोनों कंपनियों के बीच प्रति यूजर औसत कमाई का अंतर 52.2 रुपये हो गया। एयरटेल ने इस मामले में टेलीकॉम इंडस्ट्री में अपनी बढ़त बनाए रखी है। वहीं, वोडाफोन आइडिया ने अभी सितंबर तिमाही के नतीजे जारी नहीं किए हैं।
Location : New Delhi
Published : 6 November 2026, 1:18 PM IST