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अमूल ने दिया महंगाई का झटका (IMG: Pinterest)
New Delhi: त्योहारी सीजन में मिठाइयों और पकवानों की तैयारी कर रहे लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। दिवाली से पहले देश के प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल ने घी और मक्खन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब एक किलो घी खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले 50 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे। वहीं, मक्खन के पैकेट भी महंगे हो गए हैं। त्योहारों के दौरान घी और मक्खन की मांग पहले से ही बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है।
गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) की ओर से विपणन किए जाने वाले अमूल के घी की कीमतों में बदलाव किया गया है। नई कीमतों के मुताबिक, एक किलो अमूल घी का डिब्बा अब 680 रुपये में मिलेगा। इससे पहले इसकी कीमत 630 रुपये थी। यानी एक किलो के पैक पर सीधे 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह 500 ग्राम प्योर घी की थैली भी महंगी हो गई है। पहले यह पैक 325 रुपये में मिलता था, लेकिन अब इसके लिए उपभोक्ताओं को 345 रुपये खर्च करने होंगे। इस तरह आधा किलो घी खरीदने पर 20 रुपये ज्यादा देने पड़ेंगे।
अमूल ने सिर्फ घी ही नहीं, बल्कि मक्खन की कीमतों में भी इजाफा किया है। 100 ग्राम मक्खन का पैकेट अब 66 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 63 रुपये थी। यानी छोटे पैकेट पर तीन रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 500 ग्राम मक्खन का पैकेट भी 15 रुपये महंगा हो गया है। पहले यह 310 रुपये में मिलता था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 325 रुपये हो गई है।
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अमूल के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी घी की अलग-अलग किस्मों की कीमतें सूचीबद्ध हैं। यहां गाय का घी 740 रुपये प्रति लीटर, सागर घी 710 रुपये और भैंस का घी 720 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर दिखाया गया है। हालांकि, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी उत्पाद उपलब्ध नहीं हैं। प्योर घी और कुछ कॉम्बो पैकेट जैसी किस्में अनुपलब्ध दिखाई जा रही हैं। इससे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के हिसाब से उत्पाद खरीदने में परेशानी हो सकती है।
कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही अमूल के कुछ उत्पादों की आपूर्ति को लेकर भी समस्या सामने आ रही है। गुजरात के वडोदरा और अहमदाबाद के खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि गणेश उत्सव के बाद से अमूल गाय के घी का स्टॉक कम मिल रहा है। दुकानदारों के मुताबिक, मांग के मुकाबले उन्हें पर्याप्त मात्रा में घी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वडोदरा में कुछ दुकान संचालकों को उनकी जरूरत का केवल एक छोटा हिस्सा ही मिल रहा है। इसका असर खुदरा बाजार में उपलब्धता पर दिखाई दे रहा है।
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घी की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की समस्या के पीछे एक और महत्वपूर्ण वजह मिलावटी घी के खिलाफ हुई कार्रवाई को माना जा रहा है। गुजरात और राजस्थान में पिछले छह महीनों के दौरान करीब दो लाख किलो नकली घी जब्त किया गया है। मिलावट के खिलाफ कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं के बीच शुद्ध और भरोसेमंद ब्रांड के उत्पाद खरीदने की मांग बढ़ी है। लोग खुले या संदिग्ध उत्पादों के बजाय अमूल जैसे स्थापित ब्रांड के घी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे ब्रांडेड घी की मांग पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
दिवाली से पहले घी और मक्खन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ऐसे समय पर सामने आई है, जब ज्यादातर परिवार त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं। घरों में मिठाइयां और पकवान बनाने के लिए इन दोनों उत्पादों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कीमतें बढ़ने के बाद लोगों को अपनी खरीदारी पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। एक तरफ घी और मक्खन महंगे हुए हैं, तो दूसरी तरफ कुछ बाजारों में घी की उपलब्धता भी प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के सामने कीमत और उपलब्धता दोनों की चुनौती है।
Location : New Delhi
Published : 4 November 2026, 12:47 PM IST