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कर्मचारियों के लिए गूगल का बड़ा फैसला (सोर्स-Pinterest)
New Delhi: ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल ने भी अपने खर्च को नियंत्रित करने और वर्कफोर्स को रीस्ट्रक्चर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने कई देशों में अपने कर्मचारियों के लिए 'स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने' (Voluntary Separation) की योजना शुरू की है। इसके तहत स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से भारी आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना की शुरुआत इस साल जून में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में चुनिंदा टीमों के लिए की गई थी। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य भविष्य की प्राथमिकताओं और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए अपने संसाधनों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करना है।
स्विट्जरलैंड का उदाहरण लें, तो वहां गूगल के करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं, जहां कंपनी ने हर साल के अनुभव के बदले एक महीने की सैलरी का मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इस मुआवजे की अधिकतम सीमा 12 महीने की सैलरी तय की गई है, यानी 12 साल या उससे ज्यादा पुराना कर्मचारी भी अधिकतम एक साल की सैलरी ही पा सकेगा।
गूगल ने शुरू किया स्वैच्छिक त्यागपत्र का विकल्प (सोर्स-Pinterest)
यह पूरा फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अंधाधुंध निवेश कर रही हैं। एआई तकनीक को विकसित करने और उसका भारी-भरकम बुनियादी ढांचा तैयार करने में कंपनियों को बड़ी लागत उठानी पड़ रही है, जिसका असर अल्फाबेट के शेयरों और निवेशकों की चिंताओं पर भी देखा गया है। हालांकि पिछले कुछ तिमाहियों में अल्फाबेट के कुल कर्मचारियों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन अब कंपनी एआई जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की तरफ अपने संसाधनों को शिफ्ट करना चाहती है।
दिलचस्प बात यह है कि टेक सेक्टर में यह ट्रेंड सिर्फ गूगल तक सीमित नहीं है। इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने खर्च पर लगाम लगाने के लिए ऐसा ही स्वैच्छिक विकल्प पेश किया था, जिसके तहत करीब 60 हजार कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के साथ नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया गया था।
Location : New Delhi
Published : 5 November 2026, 3:24 PM IST