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डॉ. चिन्मय पंड्या ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रसेल रूक से की मुलाकात (Img: Dynamite News)
New Delhi: देश की राजधानी नई दिल्ली में गायत्री परिवार के ऐतिहासिक शताब्दी समारोह की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है। तीन दिवसीय भव्य आयोजन के सफल समापन के बाद अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या अपने विदेश प्रवास के क्रम में लंदन पहुंचे। यहां ब्रिटेन के AI मंत्री कनिष्क नारायण से उनकी विशेष मुलाकात हुई।
इस दौरान डॉ. चिन्मय पंड्या की भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रसेल रूक और लॉर्ड क्रिश रावल के साथ भी बातचीत हुई साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
बता दें कि दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार (Akhil Vishwa Gayatri Pariwar) की ओर से गायत्री परिवार के 100 साल पूरे होने पर 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक तीन दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड करण बिलिमोरिया के साथ डॉ. चिन्मय पंड्या (Img: Dynamite News)
इस कार्यक्रम में देश की काफी नामचीन हस्तियां पहुंची। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ समेत कई दिग्गज हस्तियां शामिल रहीं।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को अपनी विरासत संभालकर रखते हुए नई तकनीक और नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। गायत्री परिवार सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। यह शिक्षा, समाज सेवा, महिलाओं को मजबूत बनाने, नशा मुक्त भारत और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए 140 करोड़ लोगों को मिलकर काम करना होगा। देश की जीडीपी बढ़ाने के साथ-साथ लोगों का चरित्र और नैतिक मूल्य भी मजबूत होने चाहिए। गोयल ने कहा कि माता जी और गुरुदेव के बताए रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके लिए ईमानदारी, अच्छे संस्कार और सेवा की भावना अपनानी चाहिए।
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह 2026 में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने संबोधन में संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाएं आज भी मानवता को सही दिशा दिखाती हैं।
संत ज्ञानेश्वर की 750वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने भगवद्गीता पर लिखी गई उनकी व्याख्या और प्रसिद्ध 'पसायदान' के 10 छंदों का भावार्थ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इन छंदों में समाज से बुराई और कुटिलता समाप्त करने, लोगों के बीच प्रेम, मित्रता और सद्भाव बढ़ाने तथा दुनिया में धर्म और ज्ञान का प्रकाश फैलाने की कामना की गई है।
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देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि गायत्री परिवार के पिछले 100 साल बेहद खास और दिव्य रहे हैं। तीन दिन के इस समारोह का हिस्सा बनकर वे बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले 100 सालों के लिए गायत्री परिवार ने कई नई योजनाएं बनाई हैं।
इस अवसर पर पीयूष गोयल ने परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ज्योति कलश लेकर चल रहे श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन भी किया।
Location : New Delhi
Published : 5 November 2026, 3:22 PM IST
Topics : Dr Chinmay Pandya Gayatri Parivar Centenary Gayatri Parivar News Kanishka Narayan London Visit