डॉ चिन्मय पंड्या के ओजस्वी उद्बोधन ने जीता श्रद्धालुओं का मन, झुंझुनू में मंड्रेला की पावन धरा पर बही आध्यात्मिकता की बयार

मंड्रेला की पावन धरा पर आयोजित 108 कुण्डीय यज्ञ में डॉ चिन्मय पंड्या के ओजस्वी उद्बोधन ने सभी को झकझोर दिया। आखिर क्यों इस महाद्वीपयज्ञ को एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

Updated : 6 September 2026, 12:37 PM IST
google-preferred

Jhunjhunu (Rajasthan): राजस्थान के झुंझुनू जिले के ऐतिहासिक कस्बे मंड्रेला में इन दिनों आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा की अनोखी बयार बह रही है। यहाँ चल रहे विशाल एवं आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण 108 कुण्डीय यज्ञ के अंतर्गत एक भव्य दीपयज्ञ महोत्सव का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के माननीय उपाध्यक्ष डॉ चिन्मय पंड्या जी का गरिमामयी और पावन आगमन हुआ, जिससे संपूर्ण क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह से प्रफुल्लित और ऊर्जान्वित हो उठा।

भव्य स्वागत और ध्वजारोहण के साथ दीपयज्ञ का शुभारंभ

डॉ. चिन्मय पंड्या जी के मंड्रेला आगमन पर स्थानीय गायत्री परिजनों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों द्वारा अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और उमंग के साथ उनका स्नेहपूर्ण एवं भव्य स्वागत किया गया। स्वागत सत्कार के उपरांत, डॉ पंड्या ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्य स्थल पर पहुँचकर पावन ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण की इस वेला में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के चेहरे पर एक अलग ही आध्यात्मिक संतोष और तेज झलकता दिखाई दिया। इसके बाद, उन्होंने मुख्य मंच पर पहुंचकर दीपयज्ञ महोत्सव में सहभागिता की और इस महा-अनुष्ठान को अपनी उपस्थिति से और अधिक गरिमामय बनाया।

Gayatri Parivar Deepyagya Mahotsav (1)

श्रद्धालुओं ने किया डॉ चिन्मय पंड्या का स्वागत (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

अंतर्मन के प्रकाश का संकल्प है दीपयज्ञ: डॉ चिन्मय पंड्या

मंच से अपने अत्यंत प्रेरणादायी और ओजस्वी उद्बोधन में डॉ चिन्मय पंड्या जी ने दीपयज्ञ के गहरे आध्यात्मिक और दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि दीपयज्ञ केवल कुछ दीपों को एक साथ प्रज्वलित करने का साधारण आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक मनुष्य के अंतर्मन में छिपे अंधकार को दूर कर सद्विचार, सद्भाव और सत्कर्मों का प्रकाश हमेशा के लिए जगाने का एक दृढ़ संकल्प है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को अपने जीवन में आंतरिक शुद्धि और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।

माताजी की जन्म शताब्दी पर विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए डॉ पंड्या ने आगामी और विशेष आयोजनों की रूपरेखा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि परम वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी वर्ष का यह पावन अवसर हम सभी के लिए एक महान सुअवसर लेकर आया है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे परम पूज्य गुरुदेव और परम वंदनीया माताजी के महान विचारों, उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग तथा श्रद्धा एवं समर्पण के पवित्र भाव को समाज के हर घर और जन-जन तक पहुँचाएं। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकाधिक लोगों को इन पावन आयोजनों से जोड़ते हुए अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का भी विशेष आग्रह किया।

Gayatri Parivar Deepyagya Mahotsav

गायत्री परिवार के दीपयज्ञ महोत्सव में जुटी कई हस्तियां (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

स्मृति चिन्ह भेंट कर दी गई ससम्मान विदाई

मंड्रेला में आयोजित इस भव्य और ऐतिहासिक महाद्वीपयज्ञ की अंतिम एवं समापन श्रृंखला में, कार्यक्रम के मुख्य आयोजक मण्डल द्वारा आदरणीय डॉ चिन्मय पंड्या जी को सप्रेम स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। आयोजकों और गायत्री परिजनों द्वारा उनके इस पावन प्रवास के लिए आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अत्यंत आदर और सत्कार के साथ विदाई दी गई। इस अद्भुत और भव्य आयोजन ने मंड्रेला के इतिहास में एक नया आध्यात्मिक अध्याय जोड़ दिया है, जिसकी गूंज लंबे समय तक क्षेत्र के कोने-कोने में सुनाई देती रहेगी।

Location :  Jhunjhunu (Rajasthan)

Published :  6 September 2026, 12:37 PM IST

Related News

Advertisement