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गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने बताई गायत्री मंत्र का महत्व (Img- Dynamite News
New Delhi: गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने संत ज्ञानेश्वर के 'पसायदान' के 10 छंदों का भावार्थ समझाया। उन्होंने युद्ध, संघर्ष और AI के दौर में गायत्री मंत्र को शांति और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग बताया।
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह 2026 में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने संबोधन में संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाएं आज भी मानवता को सही दिशा दिखाती हैं।
संत ज्ञानेश्वर की 750वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने भगवद्गीता पर लिखी गई उनकी व्याख्या और प्रसिद्ध 'पसायदान' के 10 छंदों का भावार्थ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इन छंदों में समाज से बुराई और कुटिलता समाप्त करने, लोगों के बीच प्रेम, मित्रता और सद्भाव बढ़ाने तथा दुनिया में धर्म और ज्ञान का प्रकाश फैलाने की कामना की गई है।
पूर्व CJI ने संतों की वाणी को अमृत के समान बताते हुए ऐसे समाज की कल्पना रखी, जहां सभी प्राणी सुखी हों और पूरी मानवता का कल्याण हो।
अपने संबोधन में डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ ने गायत्री मंत्र की महत्ता पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों में सार्वभौमिक आध्यात्मिक दृष्टि समाहित है। यह मंत्र ज्ञान, शांति और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाता है।
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने शांति का बताया आध्यात्मिक रास्ता (Img- Dynamite News)
उन्होंने गायत्री मंत्र को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रखते हुए उसके व्यापक आध्यात्मिक संदेश की ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, इसके विचार व्यक्ति को मानसिक स्पष्टता और बेहतर जीवन दृष्टि की प्रेरणा दे सकते हैं।
पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि आज दुनिया युद्ध और संघर्ष के दौर से गुजर रही है। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच भी अनिश्चितताएं सामने आ रही हैं।
ऐसे समय में गायत्री मंत्र शांति, मानसिक स्पष्टता और आध्यात्मिक विकास की प्रेरणा दे सकता है। उनके संबोधन में संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाओं, गायत्री मंत्र और मानव कल्याण के विचारों के जरिए मौजूदा समय में शांति और सद्भाव की जरूरत को रेखांकित किया गया।
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने याद किया संत ज्ञानेश्वर का पसायदान (Img- Dynamite News)
समारोह में डॉ. चिन्मय पांड्या ने भी भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग साझा किया। उन्होंने आत्मचिंतन, निर्भयता और आंतरिक शांति के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस दौरान उन्होंने बताया कि आत्मचिंतन और मन की शांति व्यक्ति को जीवन में नई दिशा देने में मदद करती है। समारोह के समापन अवसर पर डॉ. चिन्मय पांड्या ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को गायत्री परिवार की ओर से मां सरस्वती की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।
गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए। डॉ. चिन्मय पांड्या ने उनका स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पीयूष गोयल ने परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने ज्योति कलश लेकर चल रहे श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन भी किया।
इस विशेष आयोजन में डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ और वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश भी शामिल हुए। उन्होंने समारोह में पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और श्रद्धा व्यक्त की। इस तरह गायत्री परिवार का शताब्दी समारोह आध्यात्मिक विचारों, संतों की शिक्षाओं और मानव कल्याण के संदेशों के साथ संपन्न हुआ।
Location : New Delhi
Published : 2 November 2026, 5:08 PM IST
Topics : DY Chandrachud Dynamite News Gayatri Parivar Gayatri Parivar Centenary Manoj Tibrewal Aakash