निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला: जिन राज्यों में पूरा हुआ SIR, वहां फॉर्म-6 से हटाई गई अतिरिक्त घोषणा

देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण 'फॉर्म-6' से अतिरिक्त SIR घोषणा को हटा दिया है, जहां पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 30 September 2026, 2:51 PM IST
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New Delhi: 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर चल रही देशव्यापी राजनीतिक बहस के बीच चुनाव आयोग ने ऑनलाइन वोटर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में बदलाव किया है। आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'फॉर्म-6' से SIR से जुड़ा अतिरिक्त डिक्लेरेशन (घोषणा) हटा दिया है, जहां वोटर लिस्ट का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' पहले ही पूरा हो चुका है।

जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां सिर्फ स्टैंडर्ड 'फॉर्म-6' का होगा इस्तेमाल

चुनाव आयोग के अनुसार, जिन राज्यों में SIR प्रोसेस पूरी हो चुकी है, वहां नए वोटरों को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए अब सिर्फ़ तय कानूनी 'फॉर्म-6' भरना होगा। इसे आसान बनाने के लिए ECINET ऐप-पोर्टल और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) की वेबसाइटों से अतिरिक्त डिक्लेरेशन का विकल्प हटा दिया गया है। यह बदलाव 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत तय प्रक्रिया के अनुसार लागू किया गया है।

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जहां SIR चल रहा है, वहां अतिरिक्त डिक्लेरेशन का विकल्प बना रहेगा

आयोग ने साफ किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' अभी भी चल रहा है, वहां 'फॉर्म-6' के साथ SIR से जुड़ा अतिरिक्त डिक्लेरेशन का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इस डिक्लेरेशन के तहत नए आवेदकों को अपने या अपने माता-पिता/दादा-दादी से जुड़े पिछले वोटर रिविजन रिकॉर्ड के बारे में जानकारी देनी होती है।

'फॉर्म-6' में बदलाव को लेकर हुआ विवाद

SIR से जुड़ा मुद्दा तब चर्चा में आया जब 'फॉर्म-6' में शामिल किए गए अतिरिक्त डिक्लेरेशन को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरें सामने आईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 'फॉर्म-6' में किए गए बदलावों पर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि किसी कानूनी फॉर्म में कोई भी बदलाव करने के लिए संबंधित नियमों में संशोधन की जरूरत होती है।

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आयोग ने अलग स्पष्टीकरण दिया

वहीं, चुनाव आयोग का कहना था कि 'फॉर्म-6' में कोई संशोधन नहीं किया गया है। आयोग के अनुसार, अतिरिक्त डिक्लेरेशन सिर्फ SIR कैंपेन के दौरान पहचान और वेरिफिकेशन प्रोसेस को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। आयोग ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR से जुड़े मामले के संदर्भ में इस व्यवस्था को सही माना था। अब जिन राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां इस अतिरिक्त घोषणा को वापस लेने के फैसले को उसी प्रक्रिया के दायरे में देखा जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  30 September 2026, 2:51 PM IST

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