हिंदी
ज्ञानेश कुमार मामले की सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
New Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले सप्ताह सुनवाई करने पर सहमति जताई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन आयोग में कुछ महत्वपूर्ण फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।
मामला विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता पंजीकरण से जुड़े Form 6 में बदलावों से संबंधित है। याचिका में ऐसे फैसलों की वैधता पर सवाल उठाते हुए उन्हें रद्द करने और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
याचिका के अनुसार, CEC ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग के अन्य दो सदस्यों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की सहमति के बिना कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था होने के कारण आयोग के निर्णय निर्धारित सामूहिक प्रक्रिया के अनुरूप होने चाहिए।
ये भी पढ़ें: UP Rajya Sabha Election 2026: भाजपा की लिस्ट में कौन, सपा के तीसरे नाम पर सस्पेंस
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले करीब 10 महीनों में दोनों चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 मौकों पर कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इनमें Form 6, मतदाता डेटा और चुनाव आयोग की IT व्यवस्था से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने दलील दी कि एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक निकाय होने के नाते चुनाव आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से होने चाहिए।
ये भी पढ़ें: LPU हिंसा और लूटपाट मामला: सच की तह तक जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका, CBI जांच पर कल होगी सुनवाई
याचिका में SIR से संबंधित फैसलों और चुनावी पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में बदलावों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने मूल Form 6 को बहाल करने और लिए गए संबंधित फैसलों को अमान्य घोषित करने की मांग की है। याचिका में मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मामले की SIT जांच कराने की मांग भी की गई है।
ये भी पढ़ें: राहुल गांधी मानहानि केस में आज फिर बहस, सुलतानपुर कोर्ट में अब किस पक्ष की आएगी बारी?
चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन किया है। आयोग के अनुसार, आंतरिक स्तर पर किसी मुद्दे पर टिप्पणी या आपत्ति दर्ज होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और SIR समेत संबंधित अंतिम फैसले आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि उसके निर्णय सामूहिक रूप से लिए गए।
अब सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते होने वाली सुनवाई में याचिका में उठाए गए कानूनी सवालों और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया से जुड़े पक्षों पर विचार किया जाएगा।
Location : New delhi
Published : 29 September 2026, 1:38 PM IST
Topics : CEC Gyanesh Kumar Latest News SIR Supreme Court