क्या यह गंदी आदत है? जानें बच्चे की इस हरकत के पीछे का वैज्ञानिक सच और पेरेंट्स के लिए काम के टिप्स

छोटे बच्चों का अपने प्राइवेट पार्ट्स को छूना कोई 'गंदी आदत' नहीं, बल्कि उनके शारीरिक विकास और शरीर को एक्सप्लोर करने का एक सामान्य चरण है। जानिए बाल रोग विशेषज्ञों की राय कि पेरेंट्स को इस स्थिति में कैसे व्यवहार करना चाहिए।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 8 August 2026, 3:16 PM IST
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New Delhi: अक्सर छोटे बच्चों के माता-पिता के मन में एक गहरा संकोच और चिंता तब घर कर जाती है, जब वे अपने बच्चे को बार-बार अपने प्राइवेट पार्ट (Genital Area) को छूते हुए देखते हैं।

लोक-लाज या सही जानकारी के अभाव में कई पेरेंट्स इसे 'गंदी आदत' समझकर बच्चे को डांटने लगते हैं या उनके सामने असहज महसूस करने लगते हैं। लेकिन बाल रोग विशेषज्ञों और डॉक्टरों की मानें तो यह किसी गलत आदत का लक्षण नहीं, बल्कि बच्चों के स्वाभाविक विकास का एक बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ हिस्सा है।

शारीरिक विकास का चक्र: हाथ-पैर से लेकर जेनिटल एरिया तक की खोज

बच्चे जब पैदा होते हैं, तो वे दुनिया और अपने शरीर को धीरे-धीरे समझना शुरू करते हैं। 3 से 5 महीने की उम्र में बच्चा अपने हाथों को गौर से देखता है और समझता है। 5 से 6 महीने की उम्र में वह अपने पैरों की उंगलियों को खींचता है और उन्हें मुंह में डालता है, जिसे 'माउथिंग फेज़' कहा जाता है।

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ठीक इसी प्रक्रिया के तहत जब बच्चा 9 से 10 महीने का होता है, तो वह अपने शरीर के अन्य हिस्सों की तरह अपने जेनिटल एरिया को भी एक्सप्लोर करना शुरू करता है। उनके लिए यह अपने शरीर का एक हिस्सा पहचानना मात्र है।

मना करने पर क्यों बढ़ती है बच्चे की जिद?

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि टॉडलर उम्र (1 से 3 साल) के बच्चों में जिस बात के लिए ज्यादा टोका-टाकी की जाती है, वे उसी काम के प्रति अधिक आकर्षित होते हैं। यदि माता-पिता बच्चे का हाथ हटाने के लिए गुस्सा करते हैं या बहुत अधिक अटेंशन देते हैं, तो बच्चा इसे एक खेल या ध्यान खींचने का जरिया मान लेता है। इसके चलते कई बार बच्चा पार्क, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर भी यह हरकत दोहराने लगता है।

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पेरेंट्स के लिए डॉक्टर की सलाह: समझ बदलें, डांट नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या बच्चे के व्यवहार में नहीं, बल्कि बड़ों की सोच और प्रतिक्रिया में होती है। बच्चों को यह अहसास ही नहीं होता कि समाज में किस हिस्से को छूना गलत माना जाता है। ऐसे में पेरेंट्स को शांत रहना चाहिए।

बच्चे पर चिल्लाने या शर्मिंदा करने के बजाय उसका ध्यान किसी खिलौने, पेंटिंग या एक्टिविटी में लगा देना चाहिए। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, यह चरण अपने आप खत्म हो जाता है।

Location :  New Delhi

Published :  8 August 2026, 3:15 PM IST

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