राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पहले 4 पर था शक, चार्जशीट में 67 लोगों का जिक्र; चेकिंग हुई तो बाथरूम में छिपी रकम

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की चार्जशीट में कई ऐसे दावे सामने आए हैं, जिन्होंने जांच की तस्वीर बदल दी है। चार जून को बाथरूम से 2.25 लाख रुपये मिलने से मामला खुला। बयानों में 67 लोगों के शामिल होने की बात आई। CCTV, चैट और बैंक खातों की भी जांच हुई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 26 September 2026, 10:01 AM IST
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Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। चार्जशीट में दर्ज बयानों के मुताबिक, 4 जून को गणना कक्ष में रकम को लेकर शक गहराया और कर्मचारियों की चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान बाथरूम से 2.25 लाख रुपये बरामद हुए।

चार्जशीट के मुताबिक, तत्कालीन महासचिव चंपत राय को दिल्ली से अयोध्या आते समय व्हाट्सऐप पर बाथरूम से बरामद रकम का वीडियो और लिखित संदेश भेजा गया था। इसमें गणना कक्ष में कई दिनों से चोरी होने की जानकारी दी गई थी।

67 लोगों के शामिल होने का जिक्र

चार्जशीट में दर्ज बयान के अनुसार, शुरुआती जानकारी में 67 लड़कों के कथित तौर पर इस मामले में शामिल होने की बात सामने आई थी। हालांकि, उपलब्ध चार्जशीट अंश में इस संख्या के आधार का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

3 जून को गणना कर्मी मदन गोपाल निगम ने कुछ कर्मचारियों पर शक होने की बात कही। उसके मुताबिक, कुछ लोगों को चढ़ावे की नोटों की गड्डियां मेज के नीचे या कमर में छिपाते हुए देखा गया था।

चेकिंग शुरू हुई तो रकम बाथरूम पहुंची

4 जून को संदिग्ध कर्मचारियों पर निगरानी रखी गई। चार्जशीट के मुताबिक, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को नोटों की गड्डी हटाते देखे जाने के बाद ट्रस्ट और बैंक के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद गणना कक्ष के गेट पर चेकिंग शुरू हुई।

पुलिस के अनुसार, चेकिंग की जानकारी मिलने के बाद रकम बाथरूम में छिपाई गई, जहां तलाशी के दौरान 2.25 लाख रुपये मिले।

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CCTV में बार-बार रकम हटाते दिखने का दावा

चार्जशीट में CCTV फुटेज के आधार पर अलग-अलग आरोपियों की गतिविधियों का विवरण भी दिया गया है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, अविनाश शुक्ला 85 बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए और चार बार अन्य लोगों की मदद करते दिखे। करुणेश पांडेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों की मदद करते दिखे।

वहीं मनीष यादव, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की गतिविधियों का भी CCTV फुटेज में उल्लेख किया गया है। पुलिस ने मोबाइल चैट और कॉल डिटेल को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

700 बैंक खातों की जांच

जांच के दौरान करीब 700 बैंक खातों के लेनदेन की पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है। इनमें ट्रस्टियों, आरोपियों, संदिग्धों, गणना कर्मियों और ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों के खाते शामिल थे। ट्रस्ट के बैंक खातों को भी जांच के दायरे में रखा गया।

हालांकि, चार्जशीट से जुड़ी रिपोर्टों में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बल्कि गवाह बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।

कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने सितंबर 2026 में अदालत में चार्जशीट दाखिल की। रिपोर्टों के मुताबिक, इसमें आठ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है और जांच में CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, बैंक खातों और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया है।

Location :  Ayodhya

Published :  26 September 2026, 10:01 AM IST

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