Ram Mandir Donation Case: क्या अब शीशे में उतरेंगे ट्रस्ट के बड़े चेहरे? अमिताभ ठाकुर के एक खत से मचा हड़कंप

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की जांच में अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। जांच का दायरा सिर्फ कुछ चेहरों तक सीमित रखने के बजाय अब उन रसूखदार और वरिष्ठ स्तर के लोगों तक बढ़ाने की मांग उठी है, जिनकी निगरानी में यह पूरी व्यवस्था चलती है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 20 September 2026, 6:54 PM IST
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Ayodhya: उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच के बीच अब इसकी पड़ताल का दायरा बढ़ाने की मांग उठी है। मामला सिर्फ उन लोगों तक सीमित न रहे, जिनके नाम अब तक सामने आए हैं, बल्कि व्यवस्था और निगरानी से जुड़े वरिष्ठ स्तर के लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आए इसी मांग को लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने जांच अधिकारी को पत्र भेजा है।

वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका जांचने की मांग

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि थाने में दर्ज मामले के विवेचक को एक विस्तृत पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों और उच्च अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।

ठाकुर का कहना है कि मामले की जांच के दौरान अब तक सामने आए दस्तावेज, रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इन सभी तथ्यों को एक साथ रखते हुए यह भी देखा जाना चाहिए कि संबंधित अवधि में वरिष्ठ पदाधिकारियों की क्या जिम्मेदारी थी और उनकी निगरानी व्यवस्था किस तरह काम कर रही थी।

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जांच को सिर्फ निचले स्तर तक सीमित रखने पर सवाल

अमिताभ ठाकुर ने अपनी मांग में जांच का दायरा व्यापक रखने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि अगर चढ़ावे की व्यवस्था में कोई गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि प्रशासनिक स्तर पर इसकी जिम्मेदारी किसकी थी।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, मामले की जांच में चढ़ावे से जुड़ी कई घटनाओं, काउंटिंग व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। ठाकुर ने जांच अधिकारी से अनुरोध किया है कि संबंधित समयावधि में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अधिकार, निर्णय प्रक्रिया और कर्मचारियों की निगरानी से जुड़े पहलुओं की भी स्वतंत्र रूप से पड़ताल की जाए।

दस्तावेज और बयानों को जांच का आधार बनाने की मांग

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने अपने पत्र में अब तक सामने आए दस्तावेजी साक्ष्यों और बयानों का उल्लेख करते हुए जांच को आगे बढ़ाने की बात कही है। हालिया रिपोर्टों में एसआईटी की जांच और उससे जुड़े निष्कर्षों का भी जिक्र हुआ है। मामले में पुलिस की जांच भी जारी है।

सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, जांच की निगरानी अदालत की ओर से भी की जा रही है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर उठी मांग जांच के अगले चरण में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पारदर्शिता पर दिया जोर

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में चढ़ावे के संग्रह, गिनती, सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही बयानबाजी के बीच लोगों और श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखने के लिए जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि जांच में किसी भी स्तर के जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका को नजरअंदाज न किया जाए।

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पहले से चल रही है मामले की जांच

राम मंदिर चढ़ावा मामले में पहले भी जांच एजेंसियों की ओर से कार्रवाई की गई है। अगस्त 2026 में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट से जुड़े विवरण सामने आए थे, जबकि बाद में पुलिस स्तर पर भी विवेचना जारी रही। सितंबर में दो और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी की खबरें सामने आई थीं। फिलहाल अमिताभ ठाकुर की मांग जांच अधिकारी के समक्ष है। अब देखना होगा कि जांच में वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर उनके पत्र में उठाए गए बिंदुओं पर किस तरह आगे की कार्रवाई होती है।

Location :  Ayodhya

Published :  20 September 2026, 6:54 PM IST

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