राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट पर सवाल, बैंककर्मियों से पूछताछ फिर भी आरोपी नहीं; नई SIT के सामने कई कड़ियां

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की चार्जशीट में बैंककर्मियों को आरोपी नहीं बनाए जाने से जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। पहले बैंक कर्मचारियों से पूछताछ और उनकी जिम्मेदारियां जांच के दायरे में आने की जानकारी सामने आई थी। अब नई SIT के सामने गणना, निगरानी और रकम जमा करने की प्रक्रिया अहम होगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 25 September 2026, 11:14 AM IST
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Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की पुलिस चार्जशीट सामने आने के बाद जांच की एक अहम कड़ी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चढ़ावे की गणना से लेकर रकम बैंक में जमा होने तक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय थीं। प्रारंभिक जांच में भी गणना व्यवस्था और बैंक अधिकारियों की भूमिका से जुड़ी कुछ खामियां सामने आई थीं। इसके बावजूद चार्जशीट में बैंककर्मियों को आरोपी नहीं बनाया गया।

पहली SIT ने व्यवस्था पर उठाए थे सवाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि चढ़ावे की गणना के लिए लगाए गए कर्मचारियों के साथ बैंक अधिकारियों की ड्यूटी भी रोटेशन के आधार पर लगाई जानी थी। गणना में शामिल कर्मचारियों को निर्धारित वर्दी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी बैंक अधिकारियों से जुड़ी बताई गई थी। अब सवाल यह है कि तय व्यवस्था के पालन में कमी रही तो उसकी जवाबदेही किस स्तर पर तय की गई।

दो बैंक कर्मचारियों से हुई थी पूछताछ

जांच के दौरान बैंक कर्मचारियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। दो बैंककर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में होने की बात भी कही गई थी। ऐसे में चार्जशीट में उन्हें आरोपी नहीं बनाए जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि किसी व्यक्ति को आरोपी बनाने के लिए जांच में आपराधिक भूमिका से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य का होना जरूरी होता है।

किन दस्तावेजों से हुआ सत्यापन?

अब जांच के तरीके को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या बैंक कर्मचारियों के बयान गणना रजिस्टर और बैंक रिकॉर्ड से मिलाए गए? क्या CCTV फुटेज के जरिए उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया? यदि जांच के दौरान कोई विसंगति मिली थी तो उसका निष्कर्ष क्या निकला? और यदि आपराधिक भूमिका नहीं मिली तो चार्जशीट में उसके आधार का उल्लेख किस तरह किया गया?

बैंक की विभागीय जांच का क्या हुआ?

जुलाई में सामने आई जानकारी के अनुसार बैंक ने भी अपने स्तर पर विभागीय जांच शुरू की थी। कई कर्मचारियों के उसके दायरे में होने की बात सामने आई थी। अब यह भी महत्वपूर्ण है कि उस विभागीय जांच में क्या निष्कर्ष निकला और क्या उसके निष्कर्ष पुलिस जांच में शामिल किए गए। दोनों जांचों में अलग तथ्य सामने आए तो उनका मिलान किस आधार पर हुआ, यह भी स्पष्ट होना बाकी है।

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नई SIT के सामने कई अहम सवाल

नई SIT की जांच में अब उन कड़ियों को जोड़ना महत्वपूर्ण होगा, जिनको लेकर सवाल बने हुए हैं। चढ़ावे की गणना किसने की, निगरानी किसकी थी, रकम का सत्यापन किसने किया और बैंक तक पहुंचने के दौरान जिम्मेदारी किसकी थी—इन बिंदुओं की जांच अहम होगी। साथ ही जमा रकम के सत्यापन और ट्रस्ट से जुड़े जिम्मेदार पदों की भूमिका की भी जांच पर नजर रहेगी।

जवाबदेही तय होने पर साफ होगी तस्वीर

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब नई SIT की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर क्या जिम्मेदारी थी और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर किसकी भूमिका निर्धारित हुई। फिलहाल चार्जशीट में बैंककर्मियों को आरोपी नहीं बनाए जाने का आधार और जांच से जुड़े अन्य पहलू चर्चा के केंद्र में हैं।

Location :  Ayodhya

Published :  25 September 2026, 11:14 AM IST

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