Bihar: किशनगंज नगर थानाध्यक्ष के ठिकानों पर EOU का छापा, हड़कंप

बिहार में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी की संपत्ति को लेकर उठे सवालों ने जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है। शुरुआती जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो चौंकाने वाले हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 14 April 2026, 12:43 PM IST
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Patna: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक ऐसा मामला उजागर किया है जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। किशनगंज नगर थानाध्यक्ष (पुलिस निरीक्षक) अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकारी ने अपनी वैध आय से करीब 115.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 70 लाख रुपये से भी ज्यादा बताई जा रही है।

जांच में सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा

EOU की विस्तृत जांच में यह सामने आया कि आरोपी अधिकारी की घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच बड़ा अंतर है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह संपत्ति कई वर्षों के दौरान विभिन्न स्रोतों से अर्जित की गई, लेकिन उसका कोई वैध दस्तावेजी प्रमाण नहीं मिला है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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पटना से किशनगंज तक एक साथ छापेमारी

विशेष न्यायालय, निगरानी पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद EOU की टीमों ने एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। इनमें पटना, छपरा और किशनगंज समेत कई स्थान शामिल हैं। कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। छापेमारी के दौरान दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।

EOU की आधिकारिक प्रतिक्रिया

EOU के एडीजी मो० नैयर हसनैन खान ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में मिले संकेत बेहद गंभीर हैं और छापेमारी के बाद और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, EOU अब अधिकारी के बैंक खातों, निवेश, जमीन-जायदाद और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं संपत्ति किसी बेनामी नाम पर तो नहीं खरीदी गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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भ्रष्टाचार पर सख्ती का संकेत

यह कार्रवाई बिहार में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को और तेज करती दिख रही है। EOU की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि सरकारी तंत्र में अनियमितताओं पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Location :  Patna

Published :  14 April 2026, 12:43 PM IST

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