“उन्हें वोट नहीं, नोट चाहिए…” पटना की सड़कों पर प्रशांत किशोर के खिलाफ पोस्टर वॉर, अपनों ने ही खोला मोर्चा!

बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज बिखरने लगी है। प्रो. केसी सिन्हा के बाद चेतना झांब और श्रुति श्री भी भाजपा में शामिल हो रही हैं। जानिए पीके के खिलाफ पटना में लगे पोस्टर और इस राजनीतिक घमासान के पीछे की बड़ी वजह।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 16 July 2026, 1:42 PM IST
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Patna: बिहार विधानसभा चुनाव और बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर (PK) की पार्टी 'जन सुराज' गहरे संकट में घिरती नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि पीके बिहार की पारंपरिक सियासत को चुनौती देंगे, लेकिन चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही उनके सिपहसालार उनका साथ छोड़ रहे हैं।

बुधवार को कई कद्दावर नेताओं के भाजपा में जाने के बाद गुरुवार को भी दो और बड़े झटके जन सुराज को लगने जा रहे हैं। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशांत किशोर का अत्यधिक केंद्रीकृत और 'कॉर्पोरेट स्टाइल' संगठन चलाने का तरीका स्थानीय नेताओं को रास नहीं आ रहा है?

चेतना झांब और श्रुति श्री का पलायन

राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, जाने-माने चेहरों में शामिल फिल्म निर्माता चेतना झांब और फतुहा की तेजतर्रार प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री आज गुरुवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर लेंगी। इन दोनों महिला नेताओं का जाना जन सुराज के लिए न केवल सांगठनिक रूप से बल्कि उसकी छवि के लिहाज से भी एक बड़ा आघात माना जा रहा है।

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केसी सिन्हा के बाद बीजेपी में मची होड़

इस भगदड़ की शुरुआत बुधवार को तब हुई जब बांकीपुर सीट से जन सुराज के घोषित चेहरा रहे प्रो. केसी सिन्हा ने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। केसी सिन्हा के साथ दीघा से पूर्व प्रत्याशी बिट्टू सिंह, मनेर से गोपाल सिंह और पार्टी के दर्जनों पदाधिकारियों ने जन सुराज का साथ छोड़ दिया।

बीजेपी में शामिल होते ही गोपाल सिंह ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "एक अहंकारी व्यक्ति कभी मजबूत संगठन नहीं चला सकता, उनके पास कोई स्पष्ट विजन नहीं है।" वहीं बिट्टू सिंह ने जीवन भर बीजेपी में रहने की कसमें खाईं।

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पटना की सड़कों पर पोस्टर वॉर

नेताओं के पलायन के बीच पटना की सड़कों पर लगे एक पोस्टर ने इस सियासी जंग को और ज्यादा निजी बना दिया है। पोस्टर में प्रशांत किशोर को टोपी और गमछे में दिखाते हुए लिखा गया है "केसी सिन्हा तो सिर्फ झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है। इनको वोट नहीं, नोट चाहिए।"

इस पोस्टर के नीचे 'सौजन्य: बांकीपुर की जनता' लिखा हुआ है। यह पोस्टर इस बात का साफ इशारा है कि जन सुराज के खिलाफ अब जमीन पर एक सोची-समझी घेराबंदी शुरू हो चुकी है, जिससे पार पाना पीके के लिए आसान नहीं होगा।

Location :  Patna

Published :  16 July 2026, 1:42 PM IST

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