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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT का एक्शन (Img: Canva)
Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इन आरोपों के बाद मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच तेज कर दी है और कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब तक की गई कार्रवाई में FIR दर्ज करना, गिरफ्तारियां, संपत्ति की बरामदगी और ट्रस्ट के कामकाज से जुड़ी कई सिफारिशें शामिल हैं। इस मामले ने मंदिरों में मिलने वाले दान की पारदर्शिता और प्रबंधन को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।
यह मामला तब जोर पकड़ गया जब राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सार्वजनिक हुए। इसके बाद यूपी सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ी, जिसमें दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच के साथ-साथ संबंधित लोगों से पूछताछ भी शामिल थी।
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जांच पूरी होने पर, SIT ने सरकार को लगभग 20 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में 20 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई है। इसमें ट्रस्ट के पुनर्गठन और दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की सलाह भी दी गई है।
SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा और अन्य कीमती सामान बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि बरामद वस्तुओं और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच अभी चल रही है।
जांच के हिस्से के तौर पर, ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ करके घटनाओं के क्रम के बारे में जानकारी जुटाई है। हालांकि, जांच अभी भी जारी है और अभी तक किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंचा जा सका है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारियों ने 6 जुलाई को सामूहिक बैठक कर ट्रस्ट प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। कर्मचारियों ने हालिया बदलावों पर आपत्ति जताते हुए अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाई, लेकिन मांगें स्वीकार नहीं होने पर 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।
एक साथ 23 कर्मचारियों के इस्तीफे से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, बैंक और स्टाफिंग एजेंसी के लिए एक नई समस्या खड़ी हो गई है। उन्हें अब नए स्टाफ की भर्ती करनी होगी, लेकिन इतने कम समय में ऐसा करना मुमकिन नहीं है। इस बीच, इस्तीफों के बाद, चढ़ावे की गिनती के लिए सिर्फ 13 कर्मचारी पहुंचे।
6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बैठक हुई थी, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए थे। उस बैठक के बाद से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने मंदिर जाना बंद कर दिया। अब ट्रस्ट की वेबसाइट को अपडेट कर दिया गया है और दोनों के नाम हटा दिए गए हैं।
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एक साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों के इस्तीफे का असर मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि जहां पहले अधिक कर्मचारी इस कार्य में लगे रहते थे, वहीं इस्तीफों के बाद केवल 13 कर्मचारी ही गिनती के लिए पहुंचे। इससे चढ़ावे के प्रबंधन की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
राम मंदिर देश की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, इसलिए जनता इस मामले में हो रही हर कार्रवाई पर बारीकी से नजर रख रही है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से चल रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पूरी तस्वीर तभी साफ होगी जब जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
Location : Ayodhya
Published : 16 July 2026, 12:35 PM IST