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Ayodhya: अयोध्या में Ayodhya Ram Mandir CEO को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्था का संचालन अब मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) करेगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि CEO पूरी तरह मंदिर ट्रस्ट के अधीन रहेगा और ट्रस्ट की ओर से दिए गए अधिकारों के अनुसार ही अपने प्रशासनिक ढांचे का संचालन करेगा।
यह फैसला ऐसे समय सामने आया है जब राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित तथा पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि CEO स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करेगा, बल्कि उसकी भूमिका और अधिकार मंदिर ट्रस्ट तय करेगा। ट्रस्ट जिस प्रकार की जिम्मेदारियां और प्रतिनिधित्व देगा, उसी के अनुरूप CEO अपना प्रशासनिक तंत्र तैयार करेगा। इसका उद्देश्य मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।
तीन दिवसीय बैठक में राम कथा संग्रहालय को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मंदिर परिसर में एक विशाल वर्टिकल दीवार तैयार की जा रही है, जिस पर भगवान श्रीराम के वनगमन के दौरान जुड़े प्रमुख स्थलों का चित्रण किया जाएगा।
इसके अलावा एक विशेष गैलरी का निर्माण भी किया गया है, जहां 14 वर्ष के वनवास के दौरान श्रीराम से जुड़ी नदियों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व दर्शाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्मृति चिन्ह (सॉवेनियर) कक्ष और विश्राम कक्ष का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
चेयरमैन ने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य इसी महीने पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, बाउंड्री वॉल और ऑडिटोरियम का कार्य दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि मंदिर निर्माण पर अब तक करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि राम कथा संग्रहालय के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आई है।
हाल के विवादों के बावजूद नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है। श्रद्धालुओं से मिले फीडबैक के अनुसार दर्शन, पूजा और अन्य व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के पदेन सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संघ ने हालिया घटनाओं पर चिंता जताते हुए भरोसा व्यक्त किया कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष कार्रवाई करेंगी। साथ ही अपेक्षा जताई गई कि भविष्य में ऐसी कोई स्थिति न बने, जिससे राम भक्तों की आस्था प्रभावित हो। तीन दिवसीय बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
Location : Ayodhya
Published : 13 July 2026, 8:43 AM IST
Topics : ayodhya news Ram Mandir Temple Administration