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प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- AI)
New Delhi: देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में भारी बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक ही सीमित रह गई हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के मैदानी इलाकों में बारिश में और कमी आ सकती है, जिससे लोगों को एक बार फिर उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में कुदरत का कहर जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। भूस्खलन और मलबे के कारण प्रदेश में 3 राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) समेत 100 से अधिक मुख्य और संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात ठप है और पहाड़ी इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत होने लगी है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश का सीधा असर अब मैदानी राज्यों में दिखने लगा है। पहाड़ों से आ रहे भारी पानी के कारण हरियाणा में यमुना और मारकंडा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदियां उफान पर होने की वजह से तटीय और मैदानी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई गांवों में पानी घुस गया है, जिससे वहां बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
उत्तर प्रदेश में मानसून का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी लखनऊ समेत सूबे के लगभग 65 जिलों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विभाग ने करीब 30 जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मऊ, बलिया, देवरिया और गोरखपुर सहित 14 जिलों में भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 15 जुलाई से यूपी में भी मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होगी।
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मौसम विभाग ने बिहार के पटना समेत 19 जिलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में येलो अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दूसरी ओर, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के लिए मौसम विभाग ने फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है, जिससे यहां मानसून की गतिविधियां शांत रहने की उम्मीद है।
उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले 6-7 दिन थोड़े मुश्किल भरे हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण तेज धूप और उमस बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि जब तक बंगाल की खाड़ी या किसी अन्य क्षेत्र में नया मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तब तक लोगों को इस चिपचिपी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
Location : New Delhi
Published : 13 July 2026, 8:34 AM IST