‘पेट्रोल डलवाने में अब डर लगता है…’, मशहूर यूट्यूबर सौरभ जोशी ने खोली इथेनॉल की पोल, खरीद ली इलेक्ट्रिक कार

देशभर में इथेनॉल पेट्रोल (E20) को लेकर बहस छिड़ गई है। मनीष कश्यप के बाद अब मशहूर यूट्यूबर सौरभ जोशी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इथेनॉल की वजह से उनकी लग्जरी मर्सिडीज कार का माइलेज 17 से घटकर सिर्फ 5 रह गया है और गाड़ियां खराब हो रही हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 July 2026, 3:31 PM IST
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Dehradun: इन दिनों पूरे देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20 Fuel) को लेकर जबरदस्त बहस और हंगामा मचा हुआ है। एक तरफ जहां सरकार पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के हवाले से इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को गेमचेंजर बता रही है, वहीं दूसरी तरफ वाहन मालिकों और देश के बड़े कंटेंट क्रिएटर्स ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

हाल ही में बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने अपनी टोयोटा गाड़ी की खराब हालत दिखाते हुए एक वीडियो शेयर किया था। अब इसी कड़ी में उत्तराखंड के देश के नंबर वन व्लॉगर सौरभ जोशी ने भी इथेनॉल पेट्रोल को लेकर एक वीडियो जारी किया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और यह तेजी से वायरल हो रहा है।

सौरभ जोशी का सनसनीखेज दावा

वायरल हो रहे इस वीडियो में सौरभ जोशी अपनी पत्नी के साथ अपनी करोड़ों की लग्जरी मर्सिडीज गाड़ी में सफर करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में सौरभ बेहद चिंतित लहजे में कहते हैं कि उनकी मर्सिडीज कार पहले आसानी से 15 से 17 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही थी। लेकिन इथेनॉल पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद यह माइलेज घटकर पहले 9 पर आया और अब सफर के दौरान यह सीधे 5 पर पहुंच गया है।

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सौरव जोशी ने साफ तौर पर कहा, "भाई, इथेनॉल की वजह से महंगी गाड़ियां अंदर से खराब हो रही हैं। आजकल पेट्रोल पंप पर जाकर गाड़ी में पेट्रोल भरवाने में भी डर लगने लगा है।" इसी डर के चलते उन्होंने अपनी सुरक्षा और शांति के लिए मर्सिडीज की जी-वैगन इलेक्ट्रिक कार खरीद ली है, जिसे एक बार चार्ज करो और 500 किलोमीटर तक टेंशन फ्री चले जाओ।

समझिए क्या है इथेनॉल पेट्रोल (E20) और कैसे होता है तैयार?

आम जनता के बीच असमंजस है कि आखिर यह इथेनॉल पेट्रोल क्या है? वैज्ञानिक और तकनीकी भाषा में समझें तो इथेनॉल मूल रूप से शर्करा (शुगर) और स्टार्च के किण्वन (Fermentation) से बनाया जाने वाला एक प्रकार का अल्कोहल है। भारत में वर्तमान में लागू E20 ईंधन के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पारंपरिक पेट्रोल मिलाया जाता है।

इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले गन्ना, मोलासेस (शीरा), खराब हो चुके चावल, मक्का और अन्य खाद्यान्नों को इथेनॉल फैक्ट्रियों में लाकर बेहद बारीक पीसा जाता है। इसके बाद इस कच्चे माल को पानी के साथ मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है, जिसके तापमान और pH लेवल को पूरी तरह नियंत्रित करके बड़े टैंकों में रिफाइन किया जाता है, जिसके बाद यह पेट्रोल में मिलाने के योग्य बनता है।

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सरकार का क्या है रुख और माइलेज पर कितना असर?

लगातार उठ रहे इन सवालों के बीच सरकार और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने भी माना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के माइलेज पर थोड़ा असर पड़ता है। सरकारी आंकड़ों और दावों के अनुसार, सामान्य पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल मिश्रित ईंधन से माइलेज में केवल 3 से 5 प्रतिशत तक की मामूली कमी आ सकती है।

हालांकि, सरकार इसके दूसरे बड़े फायदों को सामने रख रही है। सरकार का तर्क है कि इथेनॉल के उपयोग से भारत को दूसरे देशों से बेहद महंगा कच्चा तेल (Crude Oil) कम आयात करना पड़ रहा है, जिससे देश के अरबों रुपये बच रहे हैं। इसके साथ ही, यह ईंधन गाड़ियों से होने वाले खतरनाक कार्बन उत्सर्जन को भी काफी हद तक कम करता है, जिससे प्रदूषण पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है।

Location :  Dehradun

Published :  12 July 2026, 3:31 PM IST

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