बिहार में सरकारी नाक के नीचे बह गया 131 करोड़ का पीला सोना; अफसर रहे अनजान, पर सैटेलाइट की एक तस्वीर ने खोल दी माफिया की पोल!

बिहार में 131 करोड़ रुपये के अवैध बालू खनन पर ईडी का बड़ा ऐक्शन। आईआईटी पटना के जियोस्पेशियल (सैटेलाइट) विश्लेषण से हुआ महा-खुलासा। बिहार, दिल्ली और राजस्थान के 8 ठिकानों पर छापेमारी से हड़कंप।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 17 July 2026, 2:39 PM IST
google-preferred

Patna: बिहार में अवैध बालू खनन का खेल कितना गहरा और शातिराना हो चुका है, इसका एक ऐसा चौंकाने वाला सच सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। जिसे सूबे का खनन विभाग अपनी आंखों से नहीं देख पाया, उसे आईआईटी पटना (IIT Patna) की 'तीसरी आंख' यानी जियोस्पेशियल तकनीक ने पकड़ लिया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी हाई-टेक रिपोर्ट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत देश भर के 8 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई बिहार के बांका और पटना से लेकर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के जयपुर व श्रीगंगानगर तक फैली हुई है।

राजस्थान से संचालित हो रहा था बिहार का पीला सोना

ईडी की जांच के केंद्र में 'महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी है। चौंकाने वाली बात यह है कि बिहार के बांका जिले में हो रहे इस खेल की कमान राजस्थान के श्रीगंगानगर के रसूखदार 'चंदक परिवार' के हाथों में थी।

22 नदियां, विकास सिफर और हथेली पर जान… बिहार की इस तस्वीर को देखकर रो पड़ेगा दिल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

कंपनी का पूरा संचालन अशोक चंदक और उनका बेटा राघव चंदक कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2015-16 से लेकर 2022-23 के बीच इस कंपनी ने बांका जिले की नदियों का सीना चीरकर 131 करोड़ रुपये से अधिक की बालू का अवैध तरीके से खनन कर डाला।

आईआईटी की रिपोर्ट से खुली पोल, सोता रहा खनन विभाग

हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर सालों तक अवैध खनन होता रहा, लेकिन बिहार के खनन विभाग को इसकी कानों-कान खबर नहीं हुई। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए ईडी ने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर तकनीक का सहारा लिया।

एजेंसी ने आईआईटी पटना से बांका के बालू घाटों का जियोस्पेशियल (सैटेलाइट इमेजरी) विश्लेषण कराया। इस वैज्ञानिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि किस तरह तय सीमा से कई गुना ज्यादा बालू अवैध रूप से निकाल ली गई थी।

बिहार में सरकारी नौकरी का महाधमाका: फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की बंपर भर्ती, 1 लाख से ज्यादा मिलेगी सैलरी; जानें कैसे करना है अप्लाई

देशभर के 8 ठिकानों पर ईडी का शिकंजा

आईआईटी की रिपोर्ट के बाद ईडी ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू किया। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज होने के बाद अब ईडी की टीमें आरोपियों के ठिकानों से दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और गुप्त बैंक लेनदेन के सबूत खंगाल रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई रसूखदार नौकरशाहों और सफेदपोशों के चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। फिलहाल बरामदगी और गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

Location :  Patna

Published :  17 July 2026, 2:39 PM IST

Related News

Advertisement