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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपनी साख के दम पर पूरी दुनिया में भारत का लोहा मनवाया है। लेकिन इस गौरवमयी कामयाबी के पीछे काम करने वाले दिमागों को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है।
निजी स्पेस सेक्टर के तेजी से उभरने के कारण इसरो के अनुभवी वैज्ञानिकों की मांग अचानक बढ़ गई है, जिसके चलते हर साल औसतन 120 वैज्ञानिक इसरो से इस्तीफा दे रहे हैं। अब इस 'ब्रेन ड्रेन' को रोकने के लिए सरकार ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए वैज्ञानिकों के इस्तीफे और वीआरएस (VRS) के नियमों पर सख्त 'चक्रव्यूह' तैयार कर दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में यूआर राव सैटलाइट सेंटर और विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर जैसे प्रतिष्ठित केंद्रों से 100 से अधिक अनुभवी वैज्ञानिक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से कई वैज्ञानिक गगनयान और चंद्रयान-3 जैसे अति-महत्वपूर्ण मिशनों का हिस्सा थे।
इसका सबसे बड़ा कारण भारत का तेजी से बढ़ता प्राइवेट स्पेस सेक्टर है। निजी कंपनियां इसरो के वैज्ञानिकों को उनके अनुभव के आधार पर बेहतरीन सैलरी पैकेज और नेतृत्व की बड़ी भूमिकाएं दे रही हैं, जो उन्हें सरकारी नौकरी से बाहर खींच रही हैं।
वैज्ञानिकों के इस पलायन से घबराए अंतरिक्ष विभाग ने 14 जुलाई को एक कड़ा आंतरिक निर्देश जारी किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब गगनयान और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर काम कर रहे ग्रुप-ए वैज्ञानिकों का इस्तीफा या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) सीधे मंजूर नहीं की जाएगी।
पहले संबंधित केंद्रों के निदेशक इन फैसलों को ले सकते थे, लेकिन अब उन्हें अपनी सिफारिश के साथ फाइल सीधे अंतरिक्ष विभाग को भेजनी होगी, जहां अंतिम निर्णय पूरी तरह केंद्र स्तर पर लिया जाएगा।
इसरो में वैज्ञानिक या इंजीनियर बनना आज भी देश के युवाओं के लिए गर्व की बात है। इसके लिए उम्मीदवार के पास 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स होना जरूरी है। इसके बाद एयरोस्पेस, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक की डिग्री (न्यूनतम 65 प्रतिशत अंकों के साथ) होनी अनिवार्य है।
इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड (ICRB) इसके लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित करता है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST) के छात्रों को भी यहां सीधा मौका मिलता है।
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इसरो में साइंटिस्ट पद पर सातवें वेतन आयोग के पे लेवल 10 के तहत शुरुआती बेसिक सैलरी 56,100 रुपये प्रति माह होती है। डीए, एचआरए और अन्य भत्तों को मिलाकर यह सैलरी करीब 95,000 से 1 लाख रुपये से ऊपर तक पहुंच जाती है। यहां का काम का माहौल बेहद अनुशासित है, जहां सप्ताह में 5 दिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक काम करना होता है। सुरक्षा कारणों से परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहता है।
Location : New Delhi
Published : 17 July 2026, 1:56 PM IST
Topics : Career News Education News ISRO Job News