राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल, रामनगर बार एसोसिएशन ने खोला मोर्चा; जानें इसके पीछे की वजह

रामनगर में राजस्व विभाग की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। दाखिल-खारिज में देरी और अनियमितताओं के विरोध में 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से कुमाऊं आयुक्त को भेजा गया।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 11 February 2026, 7:19 PM IST
google-preferred

Ramnagar: राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में प्रक्रियागत समस्याओं को लेकर रामनगर में अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। बुधवार को रामनगर बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दाखिल-खारिज मामलों में हो रही देरी, समान मामलों में भिन्न-भिन्न निर्णय और बार-बार तारीख दिए जाने जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।

9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रेषित

अधिवक्ताओं ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से कुमाऊं आयुक्त को प्रेषित किया। ज्ञापन में राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार, मामलों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

बार अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन

रामनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित मोहन तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। तिवारी ने बताया कि इससे पहले अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंप चुका है। समाधान दिवस के दौरान वार्ता का अनुरोध भी किया गया था, लेकिन संतोषजनक समाधान न मिलने के कारण धरना-प्रदर्शन करना पड़ा।

रामनगर में निकाह का झांसा देकर युवती से बनाए शारीरिक संबंध, धोखे से टूटा भरोसा; मां की तहरीर पर आरोपी गिरफ्तार

न्याय व्यवस्था पर उठे सवाल

अधिवक्ताओं का आरोप है कि राज्य के राजस्व न्यायालयों में घोर अनियमितताएं व्याप्त हैं। वादों में अत्यधिक देरी, समय और धन की बर्बादी तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उदासीनता के कारण आम जनता में गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि न्यायिक अव्यवस्था के चलते कई लोग गैर-कानूनी व्यक्तियों की शरण लेने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे गरीब और सामान्य वर्ग का शोषण होता है।

राजस्व विभाग

अन्य बार एसोसिएशनों का समर्थन

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रामनगर बार एसोसिएशन के साथ हल्द्वानी बार एसोसिएशन और जिला बार एसोसिएशन ने भी न्यायिक कार्यों से पूर्ण अवकाश रखा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई और लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो 23 फरवरी से प्रदेश की अन्य बार एसोसिएशनों को साथ लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

रामनगर में युवक की मौत का मामला बना पहेली, कारणों पर सस्पेंस बरकरार; जानिये पूरा मामला

आंदोलन की चेतावनी

अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संभावित आंदोलन का प्रभाव प्रदेश की न्याय व्यवस्था पर भी पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की है, ताकि आम जनता को समय पर न्याय मिल सके और न्यायालयों में पारदर्शिता व विश्वास कायम रहे।

Location : 
  • Ramnagar

Published : 
  • 11 February 2026, 7:19 PM IST

Advertisement
Advertisement