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नैनीताल में प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा कानून के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 खाद्य कारोबारियों पर कुल 7.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बिना लाइसेंस कारोबार, खुले में मांस-बिक्री, एक्सपायर खाद्य सामग्री और अधोमानक दूध व पनीर बेचने के मामलों में सख्त कार्रवाई की गई।
कई दुकानदारों पर बड़ी कार्रवाई
Nainital: थाली तक पहुंचने वाला खाना अगर सेहत के बजाय बीमारी बांटने लगे, तो खतरा सिर्फ पेट तक सीमित नहीं रहता यह सीधे जिंदगी पर वार करता है। नैनीताल जिले में ऐसा ही एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। जहां मुनाफे के लालच में कुछ कारोबारी खुलेआम खाद्य सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाते पाए गए। शिकायतों और जांच के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और दोषी दुकानदारों पर ऐसी कार्रवाई की। जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया।
नैनीताल में अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्ती दिखाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अलग-अलग मामलों की सुनवाई के बाद कुल 11 खाद्य कारोबारियों पर 7 लाख 90 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। जांच में साफ-सफाई की भारी कमी, बिना लाइसेंस कारोबार, खुले में मांस और डेयरी उत्पाद बेचने के साथ-साथ एक्सपायर और घटिया खाद्य सामग्री का इस्तेमाल सामने आया था।
जांच के दौरान रामनगर के खताड़ी इलाके में फहीम बिना किसी लाइसेंस के खुले में मुर्गे का मांस बेचते पाए गए। इस गंभीर लापरवाही पर प्रशासन ने 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसी तरह मटियाली निवासी प्रेम प्रताप सिंह पर भी बिना अनुमति मांस बेचने और फ्रिज में पुराने बकरे का मांस रखने के आरोप साबित हुए। जिसके चलते उन्हें भी 80 हजार रुपये का दंड भुगतना पड़ा।
सुरेश कुमार पर सड़क किनारे जिंदा मुर्गा रखकर काटने और बेचने का मामला सामने आया। इस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं उमेश चंद्र खुले में पनीर बेचते पाए गए। जांच रिपोर्ट में पनीर की गुणवत्ता मानकों के खिलाफ निकली। जिसके चलते उन पर 2 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोका गया।
भुजियाघाट स्थित रिवर व्यू रिजॉर्ट डोलमार में एक्सपायर खाद्य सामग्री का इस्तेमाल पकड़ा गया। इस मामले में प्रशासन ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। रामनगर के राहुल भटनागर पर 20 हजार, दीपक पाल पर बिना लाइसेंस खुले में मुर्गा बेचने के चलते 75 हजार और राकेश साहू पर 25 हजार रुपये का दंड लगाया गया। मल्लीताल के खड़क सिंह से भी 15 हजार रुपये वसूले गए।
राकेश चंद्र फुलारा खुले में गाय का दूध बेचते पाए गए। जांच में दूध की गुणवत्ता अधोमानक पाई गई, जिस पर प्रशासन ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त है। बिना लाइसेंस कारोबार, खुले में मांस और डेयरी उत्पादों की बिक्री, एक्सपायर या घटिया खाद्य सामग्री पाए जाने पर आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का पालन करना हर खाद्य कारोबारी की जिम्मेदारी है। उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय है।